ग़ज़ल

July 1, 2016 in ग़ज़ल

तेरी तस्वीर रू ब रू कर ली
जब भी जी चाहा गुफ्तगू कर ली
हम ने दिल में बसा लिया तुम को
अपनी हर सांस मुश्कबू कर ली
प्यार के इक हसीन धागे से
जिंदगी हम ने फिर रफू कर ली
कारवां की नहीं खबर हमको
हम ने बस तेरी जुस्तजू कर ली
दम निकल जाये कब जुदाई में
वस्ल के दिन की आरजू कर ली
याद खालिक की आयी जब अज्ञात
बंदगी हम ने बे वुजू कर ली

Ghazal

July 1, 2016 in ग़ज़ल

हिसारे जात से बाहर निकल के देखते हैं
चलो खुद का नज़रिया हम बदल के देखते हैं …
सफर का शौक है हम को कहीं भी ले चलो तुम
तुम्हारे साथ भी कुछ दूर चल के देखते हैं….
ज़माने को बदलना तो नहीं वश में हमारे
खुद अपने आप को ही हम बदल के देखते हैं ….
किसी को फिक्र है कितनी चलो ये आज़माएँ
खिलौनों के लिए हम भी मचल के देखते हैं…
भला ये कौन है जो तीरगी से लड़ रहा है
अँधेरों से ज़रा बाहर निकल के देखते हैं….
चलो मौका मिला है दिल की हसरत पूरी कर लें
तुम्हारे साथ भी कुछ पल टहल के देखते हैं….
लकीरें हाथ की शायद बदल ही जाएँ मेरी
ज़रा सा वक़्त के साँचे में ढल के देखते हैं ….

ग़ज़ल

June 30, 2016 in ग़ज़ल

कौन है जिसने ज़ख्मों को सहलाया है
चेहरे पर मुस्कान सजाये आया है
क्या ग़म है, यह कैसा हाल बनाया है
फूल सा हंसमुख चेहरा क्यों मुरझाया है
डूब न जाये ये आकाश समंदर में
कश्ती जैसा चाँद उतर कर आया है
कितने ही घर टूटे हैं इस बस्ती के
तब जाकर रस्ता चौड़ा हो पाया है
क्या बतलायें हमने कैसे पलकों पर
शब् भर ही ख्वाबों का बोझ उठाया है
पाला है इक मीठा ग़म अज्ञात तभी
मुश्किल से इक शेर कहीं हो पाया है

ghazal

June 30, 2016 in ग़ज़ल


कौन है जिसने ज़ख्मों को सहलाया है

चेहरे पर मुस्कान सजाये आया है

क्या ग़म है, यह कैसा हाल बनाया है

फूल सा हंसमुख चेहरा क्यों मुरझाया है

डूब न जाये ये आकाश समंदर में

कश्ती जैसा चाँद उतर कर आया है

कितने ही घर टूटे हैं इस बस्ती के

तब जाकर रस्ता चौड़ा हो पाया है

क्या बतलायें हमने कैसे पलकों पर

शब् भर ही ख्वाबों का बोझ उठाया है

पाला है मीठा इक ग़म अज्ञात तभी

मुश्किल से इक शेर कहीं हो पाया है

 

ghazal ग़ज़ल

June 10, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता

वक़्त के साँचे में ढलना सीख लो

गुफ्तगू का शीरीं लहजा सीख लो

छोड़ कर तुम आहनी अपनी रविश

मोम की सूरत पिघलना सीख लो

कायदा पढ़ना नहीं काफी मियां

कायदे से बात करना सीख लो

शोख लहरों सा मचलना छोड़ कर

शांत सागर सा ठहरना सीख लो

दोस्तों से प्यार तो करते सभी

दुश्मनों से प्यार करना सीख लो

 

 

 

 

 

 

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