Lokesh

  • क्या यही सरजमीं थी मेरे वास्ते
    ये कैसी कमी थी मेरे वास्ते
    खुद को देखू तो स्वर्ग का अहसास हैं
    मेरे दामन में आतंक का आभास हैं
    सहमे सहमे है बच्चे मेरे हर घरी
    जाने कब टूटेगी ये नफरत की लड़ी
    साडी दुनिया के नज़रो में मैं […]