Ritu Soni

  • तकनीकी की लय में रिश्ते अब ढल रहें हैं ,

    पीर की नीर हो अधीर जल धारा बन बह रही है,

    मन्तव्य क्या, गन्तव्य क्या,

    भावनाओ की तरंगे सागर की लहरो सी, विक्षिप्त क्रंदन कर रही हैं।

    तकनीकी की […]