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  • राही अंजाना posted an update 3 years, 8 months ago

    धुएं से भरे चूल्हे में माँ का वो रोटी बनाना,

    यूँही नहीं है माता का मेरी ममता लुटाना,

    आँखों से बहाती है आंसू फिर हांथो से अपने खिलाती है,

    आसान नहीं है मेरी माता का मेरी खातिर ये प्यार जताना,

    पाल पोस कर करती रही वो मुझको बड़ा,
    कितना मुश्किल होता होगा आज माँ का मुझसे यूँ दूरी बनाना॥

    राही (अंजाना)