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  • Sukhmangal posted an update 2 months ago

    “मोर मचाये शोर ”
    मोर का नृत्य देख मोरनी रहती दंग
    प्राकृतिक छटा में यह है कैसा रंग !
    मोर की लम्बाई से मोरनी होती लम्बी ,
    मोर-मोरनी सदा सबको दीखते हैं संगी |

    बादलों की आहट देख झूमते हैं मोर ,
    दिल कमल मोहनी मोहकर करते – शोर
    धूल में स्नान कर झार लेते अपने पंख ,
    पानी के पास रहते हैं दोनों संग-संग |

    घर की शोभा सजावट में कामाता पंख ,
    कृष्ण मुकुट में जड़ित मनोहर मोर पंख
    जंगल कटने से कमी आई है मोर में
    मोर को बचाने हमसब निकलें संग -संग |

    एकता का प्रतीक है राष्ट्रीय पक्षी मोर ,
    रहते एक झुण्ड में प्रसन्नता में बेजोड़
    मोर का नृत्य देख मोरनी रहती दंग
    मोर- मोरनी सबको सदा दिखते हैं संग |
    – सुखमंगल सिंह ,अवध निवासी