Poems

Arz hai ……

Arz hai ……
Aapas mei hi sbb footne lage hain
Ekk- doosare ko lootne lage hain..
Auro se abb drr kahaa lgtaa hai–??
Apne hi apno prr bhaukkne lage hain.

Lajaane lagi hai lajja bhi..
Faishon ko nangaa hote dekh.
Bilakhne lagi hai shraddha bhi.
Aastha mei pangaa hote dekh..
In haalaato mein abb to…..
..aansu bhi aankho ke sookhne lage hain…..

ღღ__ज़िन्दगी भी कुछ ऐसे ख्याल में गुजरी

ღღ__ज़िन्दगी भी कुछ ऐसे ख्याल में गुजरी;

जैसे शब्-ए-फुरकत किसी मलाल में गुजरी !!

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जिसमें इश्क़, हो जाता है बे-वजह;

वो उम्र तो बस, अभी हाल में गुजरी !!

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क्यूँकर हसीन सपने, देख लेती है आँखें;

हकीक़त तो अक्सर, किसी सवाल में गुजरी !!

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तन्हाईयों की उम्र भी कितनी अजीब है;

रोज़-ओ-शब् बस एक ही हाल में गुजरी !!…… #अक्स

इक नज़्म है जिसे हरपल गुनगुनाता हूँ

इक नज़्म है जिसे हरपल गुनगुनाता हूँ

इक नज़्म है जिसे हरपल गुनगुनाता हूँ
कोरे कागज पै स्याही सा बिखर जाता हूँ

हर्फ़ हालातों में ढलकत कुछ कह देते है
कोई सुनता है तो मैं संवर जाता हूँ

कोई साखी है तेरे मैखाने में
जो पिलाती है तो बहक जाता हूँ

मकरूज है जिंदगी तेरी मोहब्बत की
चंद सिक्कों में ही मैं लुट जाता हूँ

छिड़ी है जंग जज्बातों में आंखो से निकलने को
बनकर अक्स रूखसारों पै जम जाता हूँ

रंग ओ रोशनी की चाहत है किसको
अंधेरों में आहिस्ते अक्सर गुजर जाता हूँ

क्या छुपा है जो मैं अब कहूँ तुझसे
नज़्म ए जिंदगी हर रोज लिखे जाता हूँ

माँ

आँखे तुझ पर थम गई जब तुझको बहते देखा।

सोच तुझमे रम गई जब तुझको सेहते देखा ।।

अपनी कलकल लहरों से तूने प्रकृति को संवरा है।

सबको शरण में लेती माँ तू तेरा ह्रदय किनारा है।।

हमे तू नजाने कितनी अनमोल चीज़े देती है ।

और बदले में हमसे कूड़ा करकट लेती है।।

खुद बच्चे बन गए,तुझको माँ कह दिया।

तूने भी बिन कुछ कहे हर दर्द को सेह लिया ।।

तेरे जल में कितने जलचर जलमग्न ही रहते है।

और कर्मकाण्ड के हथियारो से जल में ही जलते रहते हैं।।

पहले तुझमे झांक कर लोग खुद को देख जाते थे।

मन और मुँह की प्यास बुझाने तेरे दर पर आते थे।।

मगर आज जब में पास तेरे आता हूँ।

मन विचलित हो उठता है जब खुद को काला पता हूँ।।

तू रोती भी होगी तो हम देख न पाते हैं।

क्योंकि तेरे आंसू तुझसे निकलकर तुझमे ही मिल जाते हैं।।

इतना सब सहकर भी तूने हमे अपनाया है।

और इसीलिए ही शायद तूने माँ का दरजा पाया है।।

ये फूल ये मालायें सब दिखावे का सम्मान है।

हमे माफ़ कर देना माँ हम नासमझ नादान हैं।।

तू जो चली गई तो तुझे ढूंढेंगे कहाँ।

हमे छोड़कर हमसे दूर कभी न जाना माँ।।

 

Save our lifelines 

Save our rivers…..
??????????

Pradumnrc?

हो गये थे हैरान नैरंगे-नज़र देखकर

हो गये थे हैरान नैरंगे-नज़र देखकर

मिल जाता सुकुन ग़र जो इनसे पी लेते कभी

 

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