Poems

शेर(वेदना)

माना दर्द मिला है, बहुत तेरे इश्क में
मगर चीस बड़ी ही मीठी है, इस वेदना की।

मेरे भारत की युवा शक्ति

मेरे भारत की युवा शक्ति
तू जाग नया, उत्साह जगा ले,
मन में मत रख हीन भावना
प्रगति पथ पर कदम बढ़ा ले।
अपनी पुरातन संस्कृति का
नवयुग से तालमेल करा ले,
सच्ची में तू कदम उठा ले
भारत का उत्थान करा दे।
मेहनत का वक्त है, मेहनत कर ले,
शंखनाद कर संकल्पित हो,
दूर फेंक कर तुच्छ निराशा
मन की मंजिल फतह करा ले।
मेरे भारत की युवा शक्ति
तू जाग नया, उत्साह जगा ले,
मन में मत रख हीन भावना
प्रगति पथ पर कदम बढ़ा ले।

शेर(चाह)

वैसे नींंद नहीं आती ,
आजकल मुझे।
जबसे देखा हैं , हमदम तुझे
किस्मत में हैं, या नहीं तू
पर कोशिशें  करता हूँ ,
अब सो जाने की
काश इक पल सपनों में ही ,
मिल जाए तू मुझे ..!

याद आते हैं वो पल

याद आते हैं वो पल
जो बिताये साथ तेरे
अब नहीं रौनक रही
तेरे बिना कुछ पास मेरे।
खोजता हूँ पल वही
बीते दिनों को ढूंढता हूँ ,
अवसर गंवाकर खो दिया तू
शून्य है अब हाथ मेरे।

मै और तुम

था आंखों मै तेरी जादू
या नज़रों का मेरी कसूर था।
हां मेरे दिल ने तुम्हें चाहा
पर तुमको भी ये मंजूर था।।

गुमशुदा गर मै हुआ कभी
तो , वो तुम्हारा ख्याल था।
तुम्हारे चेहरे की हर हंसी पर
बस मेरा ही तो नाम था।।

हां दोनों थे नादान तब
हर ग़म हमसे अंजान था।
बचपन था वो बड़ा हसीन
खुशियों भरा जहान था।।

मिलते रहेंगे ये वादा करके
तब छूटा हर जज़्बात था।
अपने अपने सपनो के लिए
फिर टूटा साझा ख्वाब था।।
AK

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