Poems

अधूरी नज्म

लफ्ज़ो में कहाँ बयां होती है
मोहब्बत जब बेहिन्तहा होती है
हम ही थे जो ये खता कर बैठे
अब नसीब में बस अधूरी नज्म होती है

Ma baba

मां बाबा अनमोल है दोस्तों,
गलती से भी इन्हें तुम न ठुकराना,
किस्मत वाले को मिलता है इन दोनों का प्यार दोस्तों,
इनकी इज्जत तुम करना,
हीरे मोती फिर से तुम पा लोगे दोस्तों,
मां बाबा दुबारा नहीं मिलेंगे,
उनके गुस्से को गुस्सा तुम न समझना दोस्तों,
वह तो आशीर्वाद का दूसरा रूप है,
न जाने कितनी ख्वाहिशे उन्होंने दवाई है दोस्तों,
उनकी सारी ख्वाहिशें तुम पूरा करना,
उन्होंने जो कहा तुम्हारे अच्छे के लिए कहा दोस्तों,
बस तुम उनकी आज्ञा का पालन करना,
उन्हें तुम्हारे सहारे की जरूरत है दोस्तों,
यह तुम हर पल निभाना,
उनकी सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ना दोस्तों,
यही तुम्हारी सच्ची पूजा है |

पहचान

तशरीफ़ कैसे रखे अभी फ़रमान बाँकी हैं।
हाले दिल क्या कहे अभी पहचान बाँकी है।।

तेरे प्यार का नशा

इस कदर छाया है तेरे प्यार का नशा।
बस तेरी यादें ही दिलो-दिमाग पर बसा।

तुमसे दूर अब रहा भी न जाए।
ये जुदाई अब सहा भी न जाए।
कब उखड़ जाए ये चंद सांसें,
ना पुछो कुछ कहा भी न जाए।
ना मिलूं तो चैन नहीं, मिलकर बिछड़ना गवारा नहीं,
तुमसे मिलूं, न मिलूं, कशमकश में दिल फंसा।
इस कदर छाया है तेरे प्यार का नशा।
बस तेरी यादें ही दिलो-दिमाग पर बसा।

तेरी मदहोश खुशबू।
बेचैन करती मुझे हर-शू।
जाने क्या हो गया मुझे,
हर चेहरे में नजर आती तू ही तू।
भरी महफ़िल में भी खामोश, तन्हा रह जाता हूं,
इस दीवानगी की हालत पे लोग लगाते कहकशा।
इस कदर छाया है तेरे प्यार का नशा।
बस तेरी यादें ही दिलो-दिमाग पर बसा।

न नींद है, न करार है।
ये कैसा मुझ पर खुमार है।
शायद तेरी मुहब्बत का है जादू,
बगैर तेरे दिल बेकरार है।
इतने करीब आकर भी, कितने दूर हैं हम,
किसी ने ठीक ही कहा, ये इश्क नहीं आसां।
इस कदर छाया है तेरे प्यार का नशा।
बस तेरी यादें ही दिलो-दिमाग पर बसा।

देवेश साखरे ‘देव’

भारतीय नौ सेना दिवस

बादलो की गरज हो या मौसम तूफानी है
देश की रक्षा में जाने कितने देते कुर्बानी है
दुश्मनों से कह दो आंख न उठे गलती से
समुंद्री लहरों पे खड़ा हर शेर हिंदुस्तानी है!

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