Poems

घमंड में गुरुर में हम

नींद में सपने में हम
जाने कहाँ खो जाते हैं
जो कभी देखा नहीं हो
उस जगह हो आते हैं।
घमंड में गुरुर में हम
इस कदर गिर जाते हैं
गरीब भी इंसान है
इस बात को भूल जाते हैं।

स्वविजय करें

35: *स्वविजय करो *
******************
स्वयं दीप बनों ।
स्वयं नियमन करो ।।
सभ्य, ज्ञानी, जागरूक हो तुम ।
खुद,खुद का संचलन करो ।।
परस्पर सुरक्षित दूरी का,ध्यान रखते हुए ।
खुद सतर्क रहो ,नियमों का अनुसरण करो।।
खुद के रणक्षेत्र में,योद्धा बने हो तुम ।
खुद की नीतियों से, खुद के पथ पे ,स्व विजय करो।।
जोखिम भरा ये जीवन ,इच्छाओं का कर तर्पण ।
खुद, खुद की लगा पाबंदी,मानवता का संरक्षण करो ।
* सुमन आर्या *

स्वविजय करें

35: *स्वविजय करो *
******************
स्वयं दीप बनों ।
स्वयं नियमन करो ।।
सभ्य, ज्ञानी, जागरूक हो तुम ।
खुद,खुद का संचलन करो ।।
परस्पर सुरक्षित दूरी का,ध्यान रखते हुए ।
खुद सतर्क रहो ,नियमों का अनुसरण करो।।
खुद के रणक्षेत्र में,योद्धा बने हो तुम ।
खुद की नीतियों से, खुद के पथ पे ,स्व विजय करो।।
जोखिम भरा ये जीवन ,इच्छाओं का कर तर्पण ।
खुद, खुद की लगा पाबंदी,मानवता का संरक्षण करो ।
* सुमन आर्या *

शत-शत नमन करें

राष्ट्र पर्व पर सभी
शत-शत नमन करें,
देश के शहीदों को
शत-शत नमन करें।
तोड़ने जंजीर दासता की
चल पड़े,
सर कटा दिया झुके नहीं,
नमन करें। राष्ट्र पर्व पर….
बिखरे हुए, टूटे हुए
भारत को एक कर
जिसने किया था एक
हम उनको नमन करें। राष्ट्र पर्व पर…
संघर्ष कर अंग्रेज से
हिंसा-अहिंसा शक्ति से
भारत किया आजाद
अब उनको नमन करें। राष्ट्र पर्व पर…

बहुत प्यारा था वह जहान

बहुत प्यारा था वह जहान
लोग जहां मिलजुल कर करते थे काम
जब कोई बगल से गुजरता
कहता जाता भैया राम राम।
जहां लोग एक दूसरे का दर्द बांटते हो
जहां बुजुर्गों की बातें बेटे न काटते हो
जहां मांयें बेटों के लिए दुआएं मांगती हो
जहां दोस्ती की हो एक अलग पहचान ।
बहुत प्यारा था वह जहान
दुश्मनी के लिए जहां कोई जगह नहीं थी
अपनों में दरार की भी कोई वजह नहीं थी
जहां भूख से नहीं जाती थी किसी की जान
जहां नारी की भी थी एक अलग पहचान ।
बहुत प्यारा था वह जहान
लोग जहां मिलजुल कर करते थे काम
जब कोई बगल से गुजरता
कहता जाता भैया राम राम भैया राम राम।
वीरेंद्र सेन प्रयागराज

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