Poems

मेरी मोहब्बत

ख्वाब सो जाते हैं छत पर
जब तू उदास होता है।
जब तू मुस्कुराता है तो
सुकून पास होता है।
काव्य सौंदर्य:-मानवीकरण

तेरी मोहब्बत में

तेरी मोहब्बत में कुछ यूँ हुआ असर
एक-एक पल शताब्दियों सा लगता है।

स्पंदन

मेरे हृदय में तेरे नाम से कुछ यूँ स्पंदन होता है
मेरी आँखों से आँसू बहते हैं जब-जब तू रोता है।

असर

तुझसे धोखा खाकर प्यार में
कुछ यूँ असर हुआ मुझ पर
पीछे मुड़कर नहीं देखता हूँ मैं
जिसे छोड़ आया बस छोड़ आया।

अकेला

हकीकत कुछ इस तरह बयां हुई मेरे होठों से
मैं तुझसे मिलकर अकेला हो गया।
काव्य सौंदर्य:- विरोधाभास

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