स्वतंत्र दिवस पर कवितायें

सच में मिली आजादी?

हिन्द के निवासियों धरती माँ पुकारती है उठ खड़े हो जाओ तुम माँ भारती पुकारती है धर्म, जाती-पाती से तुम बाहर आकर भी देख लो आजाद भारत में आज भी मजदूर बंधुआ बने देख लो ये आजादी है या भ्रमजाल वक्त चल रहा ये कैसी चाल भूख की खातिर जहाँ जिस्म बिकते देख लो शौक की खातिर जहाँ जिस्म नुचते देख लो मानव की औकात क्या पशु असुरक्षित हैं, देख लो भारत के कर्णधारों से भविष्य के सितारों से माँ भारती ये पूछती है सच में म... »

फ़िर बतलाओ जश्न मनाऊँ मैं कैसी आजादी का

आतंकी की महिमा मंडित मंदिर और शिवाले खंडित पशु प्रेमी की होड़ है फ़िर भी बोटी चाट रहे हैं पंडित भ्रष्टों को मिलती है गोदी देशभक्त होते हैं दंडित सत्ता का हर इक दलाल बन बैठा ससुर जिहादी का फ़िर बतलाओ जश्न मनाऊँ मैं कैसी आजादी का   ईद खून का खेल हो गयी हत्या रेलमपेल हो गयी होली और दिवाली पर हावी बढ़ती विषबेल हो गयी दोषी घूम रहे हैं बाहर निर्दोषों को जेल हो गयी जुल्म ढह रहा है सब पर ही खास वर्ग आब... »

क्रांतियुवा

खल्क ये खुदगर्ज़ होती। आरही नज़र मुझे।। इंकलाब आयेगा ना अब। ये डर सताता अक्सर मुझे।। अशफ़ाक़ की,बिस्मिल की बातें। याद कब तक आएँगी।। शायद जब चेहरे पे तेरे। झुर्रियां पड़ जाएँगी।। क्या भूल गए हो उस भगत को। जान जिसने लुटाई थी।। तेईस में कर तन निछावर। दीवानगी दिखाई थी।। वीरता के रास्तों से आज़ादी घर पर आई थी। बेड़ियों के निशां थे सर पर और खून में नहाईं थी।। आज सूरज वीरता का। बादलों में गुम है।। आधुनिक समय का... »

स्वतंत्रता दिवस

पंद्रह अगस्त का पावन दिन , वीरों की याद दिलाता है | शहीद हुए जो देश के खातिर , उनकी कथा सुनाता है | तेरह वर्ष की उम्र में आकर , चौदह कोड़े थे खाये | भारत माँ के लिए लड़े और , आजाद चन्द्र शेखर कहलाये | गांधी ,सुभाष, बिस्मिल, रोशन ने , देश के खातिर प्राण दिये | भारत की आजादी के हित , सारे सुख थे त्याग दिये | लाल ,बाल और पाल ने मिलकर , आजादी का बिगुल बजाया | लक्ष्मी, तात्या तोपें ने था , विद्रोह का स्व... »

पत्र

पत्र

ये लहू कह रहा है कि भूल न जाना, न हम कर सके जो वो करके दिखाना, हम मिटे सरहदो, पे कोई गम हमें नहीं इस हिन्द की आजादी का , न कोई मोल तुम लगाना I कण कण समेट हम धरा से,एक अडिग शैल बन जाएंगे तुम छू सको हर कोर को, एेसा स्वतंत्र नभ दे जाएंगे कभी शूल जो बिखरे हुए हो मुश्किलों के वतन पे, इस देह में उनको समा, कहीं तिरंगे में लिपट जाएंगे I प्रेम का विश्वास का नित दीप तुम जलाना, मेरे हिन्द को विकास के पथ पर त... »

Kaisa hoga apna Hindustan….!!

Suno–sunaai degi tumhe– Bharat maa ki chittkaar Lahoo bahe– jo mere beto ke Kyu hota ja rahaa bekaar…?? Shahaadat mere laal ki Chup pattharro mei simat gyi hai Mujhpar mar mitna mere bachcho ka– Kyu sirf kahaani bankar rah gyi hai.?? Kya sochkar wey hue the qurban Ki-Aisa ho jayega apna Hindustan…..??? Raajneeti ki bayaare—- Dishaaheen bahaa karengi…... »

गीतिका

जीवन तो है आना जाना। अपने फर्ज कभी न भुलाना। अपने वतन पर मिटेंगे हम कभी न कदम पीछे हटाना। जो जां काम न आए वतन पर कैसे मां रा कर्ज चुकाना। आओ कदम बड़ाएं मिलकर देश को यूं आगे बड़ाना। तिरंगा घर घर लहराएगा दुश्मन का न तुम खौफ खाना।।। कामनी गुप्ता *** »

जिंदगी की चाहत

जहाँ हमें मिलना था वहीं मिलते तो अच्छा था जहाँ दूरियां न होती नजदीकीयां होती वहीं मिलते तो अच्छा था जहाँ फूल खिलते बहारें होती वहीं मिलते तो अच्छा था जहाँ सपने न होते हकीकत होती वही मिलते तो अच्छा था जहाँ वादे न होते भरोसा होता वही मिलते तो अच्छा था जहाँ दुशमनी न होती दोस्ती होती वहीं मिलते तो आच्छा था जहाँ वतन होता हिन्दुस्तान होता वहीं होते तो अच्छा था जहाँ वंदेमातरम् होता जहाँ राष्ट्रीय गान होत... »

आजादी

आजादी

आजाद हैं हम या अफवाह है फैली चारों ओर आजादी की, जंज़ीरों में बंधी है आजादी या बेगुनाही में सज़ा मिली है आजादी की, हकीकत है भी हमारे देश की आजादी की, या बस गुमराह ख्वाबो की बात है आजादी की, दिन रात सरहद पर डटे हैं फौजी घाटी की, सो खाई थी कसम ज़ंज़ीर तोड़ देंगे गुलाम आजादी की॥ राही (अंजाना) »

स्वतंत्रता दिवस

हो गए आज़ाद मगर क्या खोया क्या पाया है। आज़ादी के पंखों पर आतंक का गहरा साया है। शहीदों को श्रद्धांजलि सच्ची होगी यही अब के, कम न होने देंगे आन,शान अपना यही सरमाया है। जागो खुद भी नव चेतना ऐसी जगाओ तुम, आपस में लड़ कर हर किसी ने खुद का घर जलाया है। एक हैं हम एक रहेंगे यह नारा भी लगाना है, लहु वीरों का बहते देख दिल अपना भर आया है। न हो जाया कुर्बानी अब वतन के शहीदों की, घर घर तिरंगा लहराएगा बच्चा ब... »

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