वतन पे है नजर जिसकी बुरी उसको मिटा देगें,,, सबक ऐसा सिखा देगें कि धड से सर उडा देगें।। जहाँ पानी बहाना है वहां पर खून देगें हम,,, वतन से प्यार कितना है जहाँ को हम दिखा देगें।। हजारो साल काटे हैं गुलामों की तरह हमने,,, नहीं अब और सहना हैं ये दुनिया को बता … Continue reading वतन
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