Devika Tomar

  • अति उत्तम भाव हैं गीता जी , दशहरा के पावन पर्व पर आपकी कविता में बहुत सुंदर संदेश और बहुत ही बढ़िया सुझाव ।सभी माता पिता अपने अपने पुत्रों को भी रामचंद्र जी जैसे संस्कार देंगे तो हमारे भारत देश में प्रत्येक स्त्री सुरक्षित होगी और राम राज्य स्थापित होगा ।
    बहुत ही श्रेष्ठ रचना और आपके श्रेष्ठ विचार ,वाह