आगे पीछे दरख्तों की हरियाली रखो, सनातन संस्कृति की खुशहाली देखो। हर घर में ज्ञान का दीप जलाओ, शिक्षा और जागरण का मार्ग दिखाओ। आंदोलन का बिगुल बजाओ, परिवर्तन लाओ, अपने अधिकारों के लिए आवाज […]

पापा की खेती, धूप में सोना हर सुबह उठते ही हल चलाते बियाबान खेतों में बूंदों की टोपी मेहनत की बूँदें, हर दाने में ट्रैक्टर की आवाज़, गूँजती सवेरा पसीने की महक, मिट्टी की खुशबू […]