Pandit Prakash

  • जितनी तारीफ की जाए कम ही है।
    चित्र पर सटीक बैठती हुई कविता
    जय कन्हैया लाल की..

  • चित्र के सभी पहलुओं पर सटीक बैठती हुई रचना…
    कला तथा भाव पक्ष दोनों ही बेहद मजबूत है तथा श्री कृष्ण के चरित्र के प्रत्येक बिंदु को बहुत ही भावुकता तथा सारगर्भित आके साथ में चित्रित किया गया है श्री कृष्ण के बाल चरित्र को इस कविता में जीवंत बना दिया गया है बेहद सुंदर सराहनीय रचना