अँधेरा कहीं भी हो दूर होना चाहिए,
सूरज न सही दिए के माफ़िक जलना चाहिए,
क्या हुआ जिंदगी में उदासियाँ बहुत हैं,
औरों की ख़ुशी देखकर भी मुस्कुराना चाहिए।
अँधेरा कहीं भी हो दूर होना चाहिए,
सूरज न सही दिए के माफ़िक जलना चाहिए,
क्या हुआ जिंदगी में उदासियाँ बहुत हैं,
औरों की ख़ुशी देखकर भी मुस्कुराना चाहिए।