माना बहुत दूर है आशिया तुम्हारा
इतने दिन हो गए तुम्हें आते आते
इंतजार की घड़ी इतनी बड़ी हो गई
मेरी कलम थक गई तुम्हारी यादों को बताते
माना बहुत दूर है आशिया तुम्हारा
इतने दिन हो गए तुम्हें आते आते
इंतजार की घड़ी इतनी बड़ी हो गई
मेरी कलम थक गई तुम्हारी यादों को बताते