शेर-ओ-शायरी

पुनर्मिलन

अहम तोड़ दो दिल फिर से मिले धड़कनें तेज हुईं आंखों से बरसात हुई ऐसा लगा जैसे फिर से पहली मुलाकात हुई »

हर फ़ैसला

हर फ़ैसला खुद करने की आदत थी उन्हें, बिछड़ने का फैसला भी अकेले कर लिया। »

तड़ीपार हो गए

हाय कोरोना हम खबरदार हो गए। लो अपने हीं घर में तड़ीपार हो गए।। »

कुछ दिनों से

कुछ दिनों से बदल सी गई हूँ पहले जीवन में कविता ढूंढ़ती थी अब कविता में जीवन ढूंढ़ती हूँ। »

जीवन सोना

घर के बाहर मत जाना कोरोना मिल जाएगा। घर के भीतर बन्द रहो जीवन सोना मिल जाएगा।। »

हर कदम

इस तरह सतर्क पहले कभी ना थे लगी जब से ठोकर हर कदम सम्भाल कर रखती हूँ »

जीवन के आगोश में

निज गृह भीतर बन्द रहो मन जीवन के आगोश में। कहर कोरोना का छाया है वरना रहोगे अफसोस में।। »

नींद

हैरत में हूँ कुछ भी समझ आता नहीं, नींद तो मेरी है पर ख्व़ाब आपके। »

🙈🙈नींद 🙉🙈

🤔🤔हैरत में हूँ कुछ समझ आता नहीं नींद तो मेरी है पर ख्व़ाब आपके 🙈🙈 »

चिट्टियां

आरज़ू थी कि मेरे हाथ में तेरा हाथ होगा…. क्या खबर थी कि हाथ सिर्फ़ चिट्ठियां ही आएंगी । »

तेरी मोहब्बत में

तेरी मोहब्बत में आधी उम्र काट दी पर क्या करूँ आज भी बेबस हूँ मैं »

वह लौट कर आया है

वह लौट कर आया है अरसे के बाद के मैं हैरान हूं क्योंकि उसने कहा था मैं जा तो रहा हूं पर कभी लौट कर नहीं आऊंगा »

बिछड़ा जमाना

उनसे बिछड़े जमाना हो गया है फिर से दिल बेगाना हो गया है नहीं बाकी रही ख्वाहिश कोई यही जिंदगी का अफसाना हो गया है। »

शायद

मैनें लाज़ की चादर ओढ़ रखी है शायद मेरी ज़मी पे तेरे इश्क की बूंदाबांदी हो कभी »

कुछ सर्द हवा ओं ने

कुछ सर्द हवाओं ने मन महका दिया उन हवाओं में जैसे नर्मी सी हो छू कर मेरे बदन को रूह तक ठण्डा कर रही हैं और अपनी खुशबुओं से फ़िजा महका रही हैं »

बिछड़े थे

आज कुछ पुरानी यादों के पन्ने पलटकर हम वहीं पहुँच गए जहां से बिछड़े थे तुमसे »

पुरानी यादें

कुछ खुशबुएँ महकती हैं कायनात में लिपटे हैं हम पुरानी यादों के दामन में । »

आवारा सा दिल

मैं अकेला ही ख़ुश हूँ, इन राहों में कोई साथ नहीं है यह तनहा सी शब है, और हाथों में कोई हाथ नहीं है। न कोई मंज़िल है अपनी, न कोई हमसफ़र मेरा एक आवारा सा दिल है, और साँसों में कोई नाम नहीं है ।। »

मेरी स्मृति

मेरी स्मृति में अब भी कुछ अवशेष शेष हैं तुम्हारी यादों के कुछ पल मेरे मस्तिष्क में उपस्थित हैं »

तेरा दर

लेकर दर्द घूमती हूँ हर दर पर पर तेरा दर नहीं मिलता जाऊँ मैं किधर!!!!! »

गुलजार शामें

सभी को मयस्सर नहीं जिंदगी की गुलजार शामें किसी को जलते दिनों से भी काम चलाना पड़ता है…. »

दिलों में गर्मी

दिलों में गर्मी बहुत है थोड़ी हवा चल जाये तो अच्छा है »

दरवाजा खोलना

उनके आने की खबर से मैं यूँ बेचैन हो गई खिड़की से देखती रही दरवाज़ा खोलना भूल गई »

पर्त दर पर्त

पर्त दर पर्त तू खुलता जा रहा है ये दिल तुझसे दूर होता जा रहा है »

किताब जब

किताब जब खोलोगे तुम यादों की मेरा नाम सबसे नीचे होगा पन्ने जब पलटोगे वफ़ा के मेरा ही चेहरा दिखेगा »

पहले खफ़ा

पहले खफ़ा थे हम उनसे अब वो निभा रहे हैं जितना मैं पास जाऊँ उतना ही दूर जा रहे हैं »

वो मुझे यूँ

वो मुझे यूँ रुला रहा है जैसे याद कर रहा है । यूँ देखता है जैसे मुझे प्यार कर रहा है । »

तेरी अच्छाई

तेरी एक अच्छाई बताऊँ:- अगर तू बेवफा ना होता तो मैं शायर ना होती कदर खुशियों की कैसे जानती जो रात भर ना रोती । »

रोक लिया

रोंक लिया है हमनें अपने आप को जैसा चाहते थे तुम मैनें खुद को बना लिया »

कली जो

बहारें आने वाली थीं लेकिन ना आई कली जो खिलने वाली थी शाख पर ही ना आई »

मद में

कौन जाने यहाँ किसको सब व्यस्त हैं खुद में किसी से क्या शिकायत जब तू खुद ही तेरे मद में »

मद में

कौन जाने यहाँ किसको सब व्यस्त हैं खुद में किसी से क्या शिकायत जब तू ही खुद ही तेरे मद में »

ज़ख्म

छिपा कर ज़ख्म घूमती हूँ तेरे दिए हुए तड़प उठती है तन्हाई किसी का हाथ पड़ने से »

यादें

धुँधली यादों की परछायी छुपाने की जो कोशिश की मिट गई सांसों की रेखा लिपट कर आ गयी यादें »

नामुमकिन है

भूल जाऊँ मैं सब कुछ नामुमकिन है ये खुद को भुला सकना मेरे बस में फिर भी है तेरा नाम मिटा सकना नहीं बस में नहीं हद में »

मै से मैखाने

तेरे इश्क में किया है हमनें मै से मैखाने का सफ़र »

कोशिश नाकाम

कोशिश नाकाम ही रही गज़ब फ़ितूर छाया है लगता है क्यूँ ऐसा तेरा अक्श आया है »

लौट आओ

लौट आओ मुसाफिर देर हो चुकी है जिंदगी हमेशा मौका ना देगी »

इत्मीनान

इत्मिनान से पढ़िए — मेरे दिल के हैं अल्फ़ाज़— हर बात का मतलब नहीं होता कभी तो दिल से काम लीजिये तू ही तू बस नज़र आयेगा हर नफ़स । »

तेरे शहर में

तेरे शहर में मेरा कितना नाम हो गया तेरे नाम से जुड़कर मेरा चर्चा आम हो गया »

थक के चूर

थक के चूर —-हो गई है रात— बादल गरज़ रहे हैं है इतना शोर फिर भी जाने कैसे लोग सो रहे हैं »

ना झूठे थे

ना झूठे थे मेरे वादे ना झूठी थी मेरी कसमें तुमने इल्जाम दे देकर मेरे दिल को दुखा डाला »

बढ़ी कीमत

बढ़ी कीमत चुकाई मैने प्यार की तुझे रास ना आयी तो मैं क्या करूं »

बढ़ी कीमत

बढ़ी कीमत चुकाई मैनें प्यार की मगर तुझे रास ना आत आयी तो मै क्या करूँ »

धूप मल ही रहे थे

धूप मल ही रहे थे तुम्हारे प्यार की कि तुम तुमने दिल से बेदखल कर दिया देखो मेरे प्यार की शाम हो गई »

अफसोस ना कर

भिगोकर बादाम दूध में केसर छिड़क दिया खुदा ने कुछ यूं ही तुमको बनाया होगा अफसोस ना कर तेरा रंग श्याम है मैंने कुछ ऐसे भी लोग देखे हैं जो दिल के काले होते हैं »

इल्म नहीं

मैंने कोई धोखा नहीं दिया तुम्हें तुमको ही धोखा हुआ अफसोस इस बात का है कि तुम्हें इस बात का कोई इल्म नहीं »

आसमान की चादर

आसमान के चादर में लिपटे अनगिनत सितारे हैं चांद फिर भी तन्हा है, जबकि लाखों उसके दीवाने हैं। »

मेरे वीराने जहाँ को भी कोई बसाएगा

मेरे वीराने जहाँ को भी कोई बसाएगा क्या यह ऐसे ही उजड़ा रहे जाएगा दो चार दिन को तो आते है सब पर जिसका इंतजार वह कब आयेगा इंतजार करते हुए थक सी गई है आंखियां उनके इंतजार मे सूनी पड़ी है गलियां बरसो हो गए पथ निहारते हुए क्या इस पथ अब कोई नहीं आयेगा मेरे वीराने जहाँ को भी कोई बसाएगा थक सी गई आँखे आसमान की तपिश से ठहर गई ज़िन्दगी उनके प्यार की बंदिश से अब तो प्यास बुझा दे ऐ मेरी ज़िन्दगी ना जाने वह कब प्या... »

रंग

होली के रंग अब फीके न पड़ेंगे। हम उनमे रोज महसूस होंगे।। »

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