शेर-ओ-शायरी

मीलों का सफर

‘तुमसे तो चंद कदम तय भी हो सके ना कभी, मैंने मीलों का सफर चलके ही गुज़ारा है.. कम से कम तुम पर किसी कत्ल का इल्ज़ाम नही, मैंने तो उम्र भर ही ख्वाहिशों को मारा है..’ »

शुरुआत की खातिर

गम-ए-हयात की खातिर या किसी बात की खातिर, हम तो खामोश रहे इक नई शुरुआत की खातिर.. कुछ रहे पास, खुदा से ये भी बर्दाश्त ना हुआ, उसने आंँसू भी ले लिए मेरे, बरसात की खातिर.. मायने : गम-ए-हयात – ज़िन्दगी के गम »

तन्हाई

इस मायूस दिल को कौन समझाये मोहब्बत में बस तन्हाई ही मयस्सर है »

हर हाल में…

हर हाल में मुस्कुराना हमें आता है, अपने .गम भी छिपाना हमें आता है। छोटी सी कश्ती में घूम कर भी ख़ुश हो जाती है”गीता,” और, बड़े- बड़े सागर भी पार करना हमें आता है। »

ऐतबार

वो कफन था जो दामन-ए-यार बना फिरता था, मेरा वहम मेरे अंदर ऐतबार बना फिरता था.. कुछ दिखा नही ज़माने में सिवाए मतलब के, एक मैं ही था जो दिलों में प्यार बना फिरता था.. »

झूठ भीतर छुपाए हुए हैं

एक चेहरे से पहचान मत हम मुखौटा लगाए हुए हैं, सच नहीं है हमारा दिखावा झूठ भीतर छुपाए हुए हैं। »

बेगुनाह

बेगुनाही में अपने पास रख असर इतना, आसमाँ खुद कहे कि हाँ ये सही है बंदा.. »

चूड़ी की खनक

मैं जब कभी कहीं मायूसियों में घिरता हूँ, तेरी उम्मीद मेरा हाथ थाम लेती है.. तेरी मौजूदगी का इल्म इसलिए है मुझे, तेरी चूड़ी की खनक मेरा नाम लेती है.. »

हिंदुत्व

झुकने नही देंगे देश का सर, बस धुन ये रमाकर बैठे हैं माथे पर सादा तिलक नही, हिंदुत्व लगाकर बैठे हैं.. »

हिंदुत्व

झुकने नही देंगे देश का सर, बस धुन ये रमा कर वैठे हैं, माथे पर सादा तिलक नही, हिंदुत्व लगाकर बैठे हैं.. »

तस्वीर

लगाकर सीने से फिरता हूँ मैं तस्वीर तेरी, ये वो वजह है जिससे दिल मेरा धड़कता है.. ‘प्रयाग धर्मानी’ »

jeet unaki

Jeet unaki hui lab mere muskuraaye.. Ye mohabbat hai ya fir hone ko hai.. »

तक़रीब ए इश्क

कोई तरकीब हो अगर तो जरूर बतायें तक़रीब ए इश्क कैसे हो हम »

bekaraariyain

Aaj bekaraariyan khatm hone ko hain.. Hai jisaka intazar meri nazaron ko, Wah aaj mere dar par Aane ko hai.. »

तस्वीर

मैने वो तस्वीर फाड़ दी जिस तस्वीर को देख कर, हम कभी बेहतरीन ग़ज़ल लिख लिया करते थे। हकिक़त जब सामने आई तस्वीर को जोडना चाहा , तस्वीर ने कहा मुहब्बत के मामले तुम बहुत नादान थे।। »

मां याद आ ही जाती है(शायरी)

सबसे दुलारी हो! तुम ही प्यारी हो! अक्सर,ये कह तो देता हूं ; मैं प्रिय को मगर ज़रा सा कुछ भी हो जाए, मां याद आ ही जाती है। »

माँ

आज मेरी मां के चेहरे पर मायूसी छाई है फिर भी देख कर मुझे वह मुस्कुराई है मेरी रोटी के खातिर जल जाते थे जो हाथ पहली बार मां के उन हाथों मे कम्पन अाई है »

शेर(वेदना)

माना दर्द मिला है, बहुत तेरे इश्क में मगर चीस बड़ी ही मीठी है, इस वेदना की। »

शेर(चाह)

वैसे नींंद नहीं आती , आजकल मुझे। जबसे देखा हैं , हमदम तुझे किस्मत में हैं, या नहीं तू पर कोशिशें  करता हूँ , अब सो जाने की काश इक पल सपनों में ही , मिल जाए तू मुझे ..! »

अमीर संग कीड़े

हुस्न के बाजार में ए “मीर” हम चले थे, अपने जख़्म के मरहम खोजने के लिए। किसी ने जहरीली मुस्कान लिए कहा, अमीर संग कीड़े कब बने एक दूजे के लिए।। »

गेसूओं में मौत

चिड़ी के गुलाम था ए दोस्त गेसुओं के कैद में। उसे क्या पता था डसेगी नागिन चाँदनी रात में।। »

ख़ामोशी

धीरे-धीरे वो हमसे अनजान हो गए जो कभी खास थे आज आम हो गए गुफ्तगू करने से जिनका जी नहीं भरता आज उनकी खामोशी से हम बदनाम हो गए »

दो सिक्के

ले दे के दो सिक्के ले कर चली थी बाजार में इक उछालने में खो गया, एक को रख भूली कहीं पर »

शायरी (दर्द ए इश्क़ और शराब)

दर्द ए इश्क़ और शराब! दोनों एक जैसे हैं, जनाब! नशा चढ़ने पर, ज़माना फर्जी सा लगता है। »

शेर

ए ग़ालिब चल कल आते हैं। शायद आज मुहब्बत बंद है।। »

नहीं समझने वाले बहुत हैं… (शायरी)

मैं बुरा हूं या नहीं, मगर बनाने वाले बहुत हैं। मैं मौन-सा बना; चुप हूं, क्योंकि नहीं समझने वाले बहुत हैं। »

इकतफाक से

सच्चाई को मारने चला था झूठ आवेग में आकर, मगर इकतफाक से, सच्च ! कहीं मिला ही नहीं। »

तकाजा

हम तो शदियों से खुद को संभालना जानते है। अपना ख्याल रख ए नादान वक्त के तकाजा है।। »

बीते लम्हे

हम वो राह छोड़ दिए ” ग़ालिब “, जिस राह पे हम कभी चला करते थे। वह डायरी हम आज फाड़ दिए, जिस डायरी पे हम कभी, किसी के लिए ग़ज़ल लिखा करते थे।। »

बेहिसाब मोहब्बत

कैसे दूं हिसाब अपनी बेहिसाब मोहब्बत का वो पूछ बैठे जो आज कि कितनी मोहब्बत है मुझे »

खुशी की चाह

इक खुशी की चाह में , कितने गमों को गले लगाया हैं, सुकून तो मिला ही नहीं, अब दर्द से ही काम चलाया है! »

इश्क का मारा (शायरी)

कोई गरीबी का मारा , कोई बदनसीबी का मारा , कोई वक्त से परेशान हैं , कोई अपनों का मारा । मगर वो बेपरवाह सा, मगन अपने दर्द में, जो है इश्क का मारा। »

shayri:-kavi man

Kavi man bahut hi komal hai. Hans kar jeena iska hal hai. »

shayri

Chota sa dil hai toot hi jaata hai. Par koi nahi ye duniya hai. Yahan aisa ho jaata hai. Aawaz uthaane ki himmat hai Tujhame pagali. Rote nahi hain aise noor chala jaata. Just for you… »

सितम

वह ज़ालिम हर मर्तबा इस दिल पे सितम पे ढाते रहे। हम उनके सितम को अपनी धड़कन समझते रहे।। »

राखी ऑनलाइन

जीवन की आपाधापी में त्यौहार सांकेतिक हो गए, जबसे कोरोना आया है तब से ऑनलाइन हो गए। प्यार ऑनलाइन हो गया मुलाकात ऑनलाइन हो गई, राखी ऑनलाइन कलाई ऑनलाइन हो गई बस जज्बात ऑफ लाइन रह गए। »

आज तो राखी है भाई

दिल खोल कर त्यौहार मनाओ दिल खोल कर प्यार दे दो राखी में बहन आई होगी दिल खोलकर उपहार दे दो।1। रोज-रोज ठगता है आज तो कंजूसी छोड़ आज तो राखी है भाई आज तो गुल्लक तोड़।2। »

दिल की अदालत में

यूँ ना उड़ाओ मेरी नींद मैं रिपोर्ट लिखा दूंगी, दिल की अदालत में। ज़माना कुछ भी कहे अपना बनाकर सजा दिला दूंगी, दिल की अदालत में। »

तू मुझे चाह ले

तू मुझे चाह ले संवर जाऊं।। या कहे टूट कर बिखर जाऊं।। रास्ता कौन मेरा तकता है लौटकर किसलिए मैं घर जाऊं।। तू सफ़र में हो तो ये मुमकिन है मैं संग-ए-मील सा गुज़र जाऊं।। जो न पूछे तो तेरा ज़िक्र करूं कोई पूछे तो मैं मुकर जाऊं।। इश्क़ का मर्ज़ लाइलाजी है चाहे अमृत पिऊं, ज़हर खाऊं। »

चोर सा नींद मेरी चुरा ले गया

चोर सा नींद मेरी चुरा ले गया आँख थक सी गयी दिल व्यथित हो गया, किस तरफ को गया कुछ पता ना चला जिंदगी की भरी भीड़ में खो गया। »

नींद तो बेवफा है

उलझन भरी जिंदगी में नींद के लिए समय ही कहाँ है जब समय होता है नींद आती ही कहाँ है। नींद भी जरुरी है इंसान के लिए पर इंसान जरुरी कहाँ है नींद के लिए। नींद तो बेवफा है जो उलझन के समय साथ छोड़ देती है, हम पलटते रह जाते हैं वो मुंह मोड़ देती है, »

नींद से मेरी

#Shayri 2liner नींद से मेरी तो अनबन ही रहती है, कभी-कभी आ जाती है मुंह दिखाई के लिए। »

शायरी संग्रह भाग 3

मेरे इलाही मेरे रक़ीब को सलामत रखना। वो भी रोयेंगे मेरे मह़सर में।।1।।  विकास कुमार कमति मेर रक़ीब मेरे माशुक को गुल दे दो। वो समझेंगे हमराह शव-ए-विशाल है।।2।।  विकास मेरे इलाही मेरे माशुक को मेरे रक़ीब से मिला। मैं चाहता, उनके चेहरे पर तब़सूम हो।।3।।  विकास कुमार किसी वज्म़ में मेरे रक़ीब ने मेरा कलाम सुनाया। सुनके अश्क भरे आये, मेरे महब़ुब की।।4।।  विकास कुमार मेरे मर्ग पर रोयेंगे मेरे रकीब ... »

शायरी संग्रह भाग 1

मुहब्बत हो गयी है गम से, खुशियाँ अच्छी नहीं लगती। पहले दुश्मन मुहब्बत करते थे, अब दोस्त नफरत करते हैं।।1।।  विकास कुमार कमति.. बदलते वक्त के साथ, उसकी आँखें भी बदल गयी। पहले मुहब्बत भरी निगाहों से देखती थी, अब शक भरी निगाहों से।।2।।  विकास कमार कमति.. सुना था लड़की बेवफा होती, मौलिकता गुण होती, उनके रगों में बेवफाई की। आज पता चला, मर्दों की मंडी में भी बेवफाई बिकती।। 3।।  विकास कुमार कमति.. संज... »

शायरी संग्रह भाग 2 ।।

हमने वहीं लिखा, जो हमने देखा, समझा, जाना, हमपे बीता ।। शायर विकास कुमार 1. खामोश थे, खामोश हैं और खामोश ही रहेंगे तेरी जहां में । करतुते तो तु करती मेरी जहां में, हम तो हरवक्त खामोश रहते हैं तेरी जहां में ।।  विकास कुमार 2. अब कैसा सिला है वफा का, अब तो वो भी थक गई बेवफाई से । हम खामोश हैं, और वो शान्त ।।  विकास कुमार 3. मेरी सोच हैं तु, मेरी विचार है तु, मेरी शेर है तु, मेरी शायरी हैं तु, मेरी ... »

अलग सी शायरी

मित्र दिल के सैनिकों की जब खड़ी होंगी कतारें उन कतारों में विभूषित आप सेनापति रहें। »

आपसे हम दूर रहकर

जिन्दगी में मुश्किलें हैं, और भी तो अड़चनें हैं, आपसे हम दूर रहकर क्या हमेशा खुश रहे हैं। »

बुरा नहीं हूँ मैं

सख्ती से नहीं नरमी से पेश आएंगे किसी के प्यार में हम यह भी कर जाएंगे। यूं तो बुरे नहीं हैं हम साहब पर किसी के मार्गदर्शन में हम और सुधर जाएंगे। »

मेरे गम! मुझे तू.……. (शायरी)

मेरे गम!मुझे तू, इतना रुसवा ना कर , मैं बारिश के इंतजार में हूं, फिर उसमें नहाकर ,सब आंसू बहाकर, तुझे हल्का-सा कर दूंगा। »

इतनी दीवानी

#shayri 2liner इतनी दीवानी नहीं हूँ तेरी जो तेरे प्यार में अपनी नब्ज काट लूंगी, ज्यादा तड़पाया जो तुमने इस रक्षाबंधन तुझको राखी बाँध दूंगी। »

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