कहने को तो बस
मेरे दिल ने , तेरे दिल पे
कुछ भरोसे ही तो किए थे
शिकायत भी किस कचहरी करूँ
तेरे आस्मानी वादों की रसीदी टिकट पे
अरमानो के लहू से दस्तखत जो नही किए थे
…… यूई विजय शर्मा
कहने को तो बस
मेरे दिल ने , तेरे दिल पे
कुछ भरोसे ही तो किए थे
शिकायत भी किस कचहरी करूँ
तेरे आस्मानी वादों की रसीदी टिकट पे
अरमानो के लहू से दस्तखत जो नही किए थे
…… यूई विजय शर्मा