आब ए चश्म की नुमाइश ना आंखें करें मेरी
एहतियात से दूर करें अख्ज की भीड़ को
आफताब की किरण भी ना छू सके मुझे
अकिबत की फिक्र है दिल अजीज को
आब ए चश्म की नुमाइश ना आंखें करें मेरी
एहतियात से दूर करें अख्ज की भीड़ को
आफताब की किरण भी ना छू सके मुझे
अकिबत की फिक्र है दिल अजीज को