निरखत बाल मुकुंदा Pt, vinay shastri 'vinaychand' 6 years ago काली कम्बली काँधे पर शोभित अरुण अधर अरुणाभ कपोल श्याम रंग मुखचंदा विनयचंद नित निरखत बाल मुकुंदा।।