हिन्दी-उर्दू कविता

ज़माने का चित्र

देखो उभर कर ज़माने का कैसा चित्र आया है। कल्पना से परे भयावह कैसा विचित्र आया है। गले लगा कर पीठ में खंजर उतार दिया उसने, मैं तो समझा मुझसे मिलने मेरा मित्र आया है। साँस लेना है दूभर, फ़िज़ा में इतना ज़हर घुला, साँसे बंद हुई तो जनाज़े पर लेकर इत्र आया है। इंसानियत शर्मसार हो, कुछ ऐसा गुज़र जाता, जब भी लगता कि अब समय पवित्र आया है। चेहरे पर चेहरा चढ़ाये फिरते हैं, लोग यहाँ पर, रक्षक ही भक्षक बन बैठ... »

वीर गीत

एक हाथ में ध्वजा तिरंगा, काँधे पर बन्दूक हैं। भारत माँ का वीर सिपाही, लक्ष्य बड़ा अचूक है।। कदम चाल में चलते हमसब, भारत माँ की रक्षा में। रहे सुरक्षित शरहद अपनी, वैरी न आए कक्षा में।। देश धर्म पे बलि-बलि जाऊँ, शपथ बड़ा अटूट है। भारत माँ का वीर सिपाही……………………………….।। चाह नहीं अपनी है वीरों, दुनिया पर अधिकार करें। लेकिन अंगुल एक ... »

Junun

गर दिल में हो जुनून, मंजिल पा ही लेंगे हम, हो रास्ता कठिन, पर हो हौसला बुलंद, मंजिल पा ही लेंगे हम, हो तूफानों की डगर, पर हो साथ हमसफर, मंजिल पा ही लेंगे हम | »

मज़बूरी

रूह काँप जाती थी सोचकर, बगैर तेरे रहना । आज ये आलम है, पड़ रहा गमे-जुदाई सहना । इसे वक्त की मार कहूँ, या मज़बूरी का नाम दूँ, गलत ना होगा, इसे जिंदगी की जरूरत कहना । किस दोराहे पर वक्त ने ला खड़ा कर दिया ‘देव’, कुछ वक्त ने, कुछ तुमने, सीखा दिया तन्हां जीना । देवेश साखरे ‘देव’ »

यकीं तुझे दिला न सका

तुझे पाकर भी मैं पा न सका। तेरे दिल में जगह बना न सका। सोचता हमारे बीच कोई ना होगा, जहां से अपना प्यार बचा न सका। जाने से पहले थोड़ा जहर ला देना, जिंदगी में किसी और को ला न सका। मुझे अपना कर तुझे जो मलाल है, इस बात का बोझ मैं उठा न सका। किस नाकारा से तुमने नाता जोड़ा, किसी सोच पर खरा उतर न सका। हो सके तो मुझे माफ कर देना, जिंदा लाश माफी मांगने आ न सका। कहीं प्यार समझौता ना बन जाए, समझौते को प्यार ... »

Us din

उस दिन , जब तुम कार से उतरी थीं | स्वर्ग से आयीं अप्सरा, सी लग रहीं थीं | काव्या दी, दीया तुम्हारा हाथ पकड़ तुमसे मिल रही थीं | मैं भी था सहमा-सहमा सा, अपनी अनिश्चित बारी के, इंतज़ार में | ‘आपका नाम’ तुमने पूछा था | मुद्दतों बाद मुझसे , मेरा नाम किसी ने पूछा था | “मुदित” चौंक गयीं थीं तुम ये नाम सुनकर | याद आयी होगीं तुम्हें, शायद वो गरमी की छुट्टियाँ | तुमने दोहरायी होगीं,... »

Tumhe Aur Tumhari Yaadein

Apni khaamiyo ka harzaana bhar Kar, Un par kaam kar rahi hu main… Tumhe aur tumhari yaadein bhula Kar, Ab aage badh rahi hu na main… ❤ #Sheetal »

न्याय

ना कोई मुकदमा, ना कोई सुनवाई। ना कोई चीख पुकार, ना कोई दुहाई। तुरंत फैसला और मौके पर ही न्याय, दुष्कर्म के ख्याल से ही रूह काँप जाए। देवेश साखरे ‘देव’ »

अधूरे हैं

तुम्हारे होंठों की सरगम बिन मेरे गीत अधूरे हैं। मेरी नजरों से रहते दूर तुम मेरे प्रीत अधूरे हैं। तुम्हें खोकर सारी दुनिया जीतूँ मेरे जीत अधूरे हैं। ‘विनयचंद ‘ वफा के बिन मनमीत अधूरे हैं।। »

इतना आसान नहीं

मोहब्बत को भूला देना, इतना आसान नहीं। फैसला सुना दिया, मैं कोई बेजुबान नहीं। मेरे सीने में भी दिल है, दर्द है, तड़प है, पत्थर तो नहीं, कैसे समझ लिया इंसान नहीं। अश्क सूख चुके, खून बहाया है तेरे वास्ते, इससे बढ़कर मेरी मोहब्बत का निशान नहीं। ये तो खून है, आज़मा लो दे सकते हैं जान भी, मेरी मोहब्बत से तो तू वाकिफ है अंजान नहीं। हंसते हुए दर्द का ज़हर पी जाऊं वो ‘देव’ नहीं, मैं भी तेरी तरह... »

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