हिन्दी-उर्दू कविता

उर्मिला

सब था मर्यादित रामचरित मानस में पर उपेक्षित उर्मिला की वेदना पर ध्यान किसी ने नहीं दिया जिस सम्मान की वो भागीदार थी वह सम्मान किसी ने नहीं दिया »

गजल- कोरोना कहर

गजल- कोरोना कहर माना की कोरोना कहर बड़ा मगर आया नहीं | सारा जहाँ दहसत मे हिन्द मगर छाया नही | फानूस बनके करता हिफाजत वजीरे आलम | ठहर गया वो लोकडाउन से कुछ कर पाया नहीं | मिल रहा वतन जंगे कोरोना हर खासो आम | जीत लेंगे जंग क्या हुआ गर कुछ खाया नहीं | है सजग सब कर्मबीर जान अब बचाने सबकी | घर कैद जिंदगी और बेटा घर पहुँच पाया नही| खींच दिया लक्ष्मण रेखा दहलीज वजीरे आलम| माकां मे कैद आदमी कोरोना से मर पा... »

कविता – भारत जानता है |

कविता – भारत जानता है | कोरोना हो या सेना दुशमन लड़ना भारत जनता है | एटम हो वाइरस दुशमन लड़ना भारत जानता है | प्रधान मंत्री मोदी जी ने जो कहा वो करेंगे हम | काहे का डरना रोना धोना लड़ना भारत जानता है | बचना कैसे रहना कैसे कोरोना सब हमने जान लिया | नमस्ते कहना हाथ धोना मुंह जाली लगाना भारत जानता है | बाबा रामदेव ने कहा योग करो हम रोज करेंगे | नित्य शुबह प्राणायाम कपालभाती करना भारत जानता है | करो या म... »

कोरोना बुरा है

कोरोना बुरा है पास बुलाये कोई पास जाना बुरा है | बुलाकर दे दे तुमको कोरोना बुरा है | पास जाना अगर हाथ न मिलाना मगर गले मिल गये लग जाये कोरोना बुरा है| मिलना मिलाना तदबीज़ है करना जरूरी | लगाया न नकाब सांस समाये करोना बुरा है| जाना जहाँ तुमको जाओ जरूर मगर | हाथ हर चीज तुमको लगाना बुरा है | उम्र मात्र कुछ लम्हो कोरोना वाइरस की | मर जाएगा वो बिना हाथ धोये खाना बुरा है| सर्दी जुकाम खांसी बुखार हो भी जा... »

छुट्टी मना लेने दो

आज स्कूल नही जाना माँ आज तो छुट्टी मना लेने दो कल सर दर्द का बहाना काम न आया आज पेट दर्द आजमा लेने दो घर के जैसे मस्ती कहाँ स्कूलों में बसती इसकी सच्चाई भी परख लेने दो करूँगा अगर तो तुम परेशानी भी थोड़ी सह लेना माँ पर आज घर पर ही किताब पलट लेने दो गोद में अपने सर रख कर आज आराम फरमा लेने दो आज हर दर्द से बचने के लिए और सबको बचाने के लिए अब दुनिया से इस जंग में शामिल हो जाने दो आज तो छुट्टी मना लेने ... »

कोई मिल गया

इस हसीन शाम में , उमर की ढलान में हाथ थामे चलने को कोई मिल गया है हाँ मुझे कोई मिल गया है कल क्या हो नहीं जानती , पर इस मंजिल तक आते आते जो थकान थी उस से थोडा आराम मिल गया है हाँ मुझे कोई मिल गया है दिल खोल के रख दिया उसके सामने मैं बस आज में जीती हूँ , वो छोड़ दे या थाम ले वो समझता है मेरी इस बेफिक्री का सबब, कि आस रखने से कोई गहरा तजुर्बा मुझे मिल गया है हाँ मुझे कोई मिल गया है कुछ और कहूँ तो जल्... »

पुनर्मिलन

अहम तोड़ दो दिल फिर से मिले धड़कनें तेज हुईं आंखों से बरसात हुई ऐसा लगा जैसे फिर से पहली मुलाकात हुई »

कोरोना को हराना है

एक जुनून ही हमें आगे ले जाएगा आगे की कहानी भी वही बताएगा मायूसी जाएगी नई सुबह फिर आएगी सन्नाटा जाएगा कल आज और आज कल बन जाएगा सन्नाटा चीर कर फिर से विश्व मुस्कुराएगा कुछ सीख देखकर यह दौर गुजर जाएगा।। »

हर फ़ैसला

हर फ़ैसला खुद करने की आदत थी उन्हें, बिछड़ने का फैसला भी अकेले कर लिया। »

कल किसने देखा कल आये या ना आये

जीवन संदेश कल किसने देखा कल आये या ना आये आज की तू परवाह कर ले कही यह भी चला न जाये देख दुनिया की हालत अब तो तू संभल जा कहे रही तुझसे जो सरकार वह तू मान जा कल के लिए तू आज घर पर ही रहे जाये कल किसने देखा कल आये या ना आये साफ सफाई हाथ की धुलाई है जीवन आधार कर लो यह सब जो खुद के जीवन से है प्यार निकल कर बाहर तू कोरोना क्यों फैलाये कल किसने देखा कल आये या ना आये वक़्त है देश के लिए कुछ कर गुजरने को बन... »

तुम

तुम जीत हो संगीत हो मेरा मीत हो मेरी ही प्रीत हो सदियों से किया जिससे इकरार तुम वही महोब्बत की रीत हो दिन की शुरुआत से रात की एहसास हो दोपहर की धुप और शाम की प्यास हो इंतजार की गेहराई और चाहत की परछाई हर वक्त की सबसे पहली आस हो »

मोहोब्बतें कैसे करू

अकेली रातो से बाते कैसे करू बिन मिले उनसे मुलाकातें कैसे करू लोग कहते है दिन तो गुजर जाता है, राते नहीं निकलती कौन कहे इनको, अपने अकेलेपन से मोहोब्बतें कैसे करू वो हवा बनकर गुजरती है मेरे करीब से अब इतने में उनसे इबादतें कैसे करू पल भर में करवटे लेलेती है, ए हुस्न-ए-मलिका अब तू ही बतादें तुझसे इनायतें कैसे करू »

तड़ीपार हो गए

हाय कोरोना हम खबरदार हो गए। लो अपने हीं घर में तड़ीपार हो गए।। »

इश्क की गोद

इश्क की गोद में जा बैठी जो कातिल था उसी को मीत बना बैठी। बुझ गई थी बहुत पहले ही क्यूँ आज दिल की आग जला बैठी। वो ख्व़ाब था किसी की नींदों का क्यूँ उसे अपनी रात बना बैठी। जो झूठ के दायरे में रहता था क्यूँ उसी के आगे सदाकत की नुमाईश लगा बैठी। जख्मों पे नमक चिढ़कना पेशा था जिसका दिल के छाले उसी को दिखा बैठी। प्यार सुन्दरियों का व्यापार था जिसके लिए उसी को मोहब्बत का खुदा बना बैठी। ख्व़ाब देखे थे जो हमन... »

कुछ दिनों से

कुछ दिनों से बदल सी गई हूँ पहले जीवन में कविता ढूंढ़ती थी अब कविता में जीवन ढूंढ़ती हूँ। »

जीवन सोना

घर के बाहर मत जाना कोरोना मिल जाएगा। घर के भीतर बन्द रहो जीवन सोना मिल जाएगा।। »

हर कदम

इस तरह सतर्क पहले कभी ना थे लगी जब से ठोकर हर कदम सम्भाल कर रखती हूँ »

घर बंदी

कोई सोचता है की आज पनीर कल गोभी की सब्जी खाऊंगा कोई सोचता है की कल परिवार का पालन कैसे करूँ कोई कहता है हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल करना है और किसी को साफ पानी और साबुन ही मोहिया नही होती कोई सब्जियों को जमा करने की होड़ में है किसी को भूखा सोना पढ़ रहा है इस घर बंदी के मायने अलग है हम सब मे »

दूर

कुछ रिश्ते साथ होने के अहसास से बनते है चाहे वोह इंसान कितना दूर ही हो »

विपदा की घड़ी

विपदा की घड़ी जब आती है हमें व्यवस्थित होना सिखाती है एकता का महत्व समझाती है अपने पराए में भेद बताती है धैर्य परिश्रम सहयोग समन्वय और अनुशासन का पाठ अवश्य पढ़ा जाती है विपदा की घड़ी जब आती है…. »

कोरोना पढ़ एक कोशिस लिखने का

जो लोग आप की ताकत है जीवन के भाग्दौर के चलते समय नहीं दे पाते है अब घर बंद के चलतेी उनके साथ जीने का मौका दे रही है इस डर के माहौल में बस अपनो के साथ मौत भी आ जाए तो कोई खलिश नहीं »

उठ बेटा

एक पन्ना और जुड़ गया जीवन के अध्याय में चिरंजीव चिरस्थायी का जो आशीर्वाद दिया था माँ ने आज धुंधला प्रतीत हो रहा है अकस्मात एक प्रारब्ध बेला पर »

वो बूढ़ी माँ

एक पन्ना और जुड़ गया जीवन के अध्याय में चिरंजीव चिरस्थायी का जो आशीर्वाद दिया था माँ ने आज धुंधला प्रतीत हो रहा है अकस्मात एक प्रारब्ध बेला पर विचलित कर देने वाली घटना स्मरण हुई जो अन्तर्मन को दुखा रही थी मेरी वेदना के शूल चुभ रहे थे नयनों से अश्रुधारा बह चली एक माँ के बुढापे का सहारा जो मृत्यु की गोद में सो गया था अकारण ही दुर्घटना का शिकार हो गया था ….. वो बूढ़ी माँ अपने मृत पुत्र को गोद में... »

एक दौर वो भी गुजरा है

एक दौर वो भी गुजरा है! जब हम कागज और कलम लेकर सोते थे। यादों में पल-पल भीगा करती थीं पलकें , अभिव्यक्ति के शब्द सुनहरे होते थे। ना दूर कभी जाने की कसमें खाई थीं मिलने के अक्सर वादे होते रहते थे। कोई यूं ही कवि नहीं बनता है यह सच है हम भी तो पहले कितना हंसते रहते थे। »

कोरोना का, सौगात

बाहर जाकर कोरोना का सौगात नहीं तुम लाना। बेशक आधा पेट हीं खाकर घर में तुम सो जाना।। खाना आधा पेट से प्राण चले नहीं जाऐंगे तेरे। अपना और अपने की जान सुरक्षित रहेंगे तेरे।। »

करोना का कहर।

रोग कोरोना से हुई मानवता बेचैन जीवन लगता रुष्ट है, बैरी दिखता चैन, बैरी दिखता चैन, मौत का नग्न – नृत्य है मौन-विधाता बता,किया क्यों क्रूर कृत्य है? रोग शमित होगा तभी, रहें भीड़ से दूर तभी बचेंगी चूड़ियाँ, माथे का सिन्दूर। अनिल मिश्र प्रहरी। »

ओ कोरोना

ओ कोरोना हो रहा है राष्ट्र लाँक, और हो रहा राज्य लाँक। नष्ट करेगे इस कोरोना को, और करेगे इसको लाँक।। बज गई थाली बज गई ताली, बजी शंख और बज गई घंटी। ओ कोरोना बाँध ले बिस्तर, जल्द ही होगी तेरी छुट्टी।। धैर्य रखेगे सर्तकता बरतेगे, संयम से लेगे हम काम। स्वच्छता को हथियार बनाकर, आफवाहों पर ना देगे ध्यान।। अपनी सूझ बूझ से हम, इस वायरस का करेगे नाश। सरकार प्रयास कर रही है, हम भी है सरकार के साथ।। हम भारती... »

जीवन के आगोश में

निज गृह भीतर बन्द रहो मन जीवन के आगोश में। कहर कोरोना का छाया है वरना रहोगे अफसोस में।। »

मैं रहूँगा कहाँ ???

बहुत कोशिशें कर ली उसे मनाने की, राहें भी ढूंढी दिल में उतर जाने की । पर नाकाम ही रहे हर कोशिश में हम, दिल उदास हो गया गम में डूबे हम… फैसला कर लिया उसे भूल जाऊँगी, चाहे कितना भी बुलाए ना पास जाऊँगी… सारे कसमें वादे भी हमनें तोड़ दिए, यादों के गुप्तचर भी मैनें कब के छोड़ दिए … पूरा इन्तजाम कर लिया उसे भुलाने का, ख्व़ाब भी छोड़ दिया मैनें उसको पाने का… निकालने जब उसको मैं चली द... »

मैं रहूँगा कहाँ ???

बहुत कोशिशें कर ली उसे मनाने की राहें भी ढूंढी दिल में उतर जाने की पर नाकाम ही रहे हर कोशिश में हम दिल उदास हो गया गम में डूबे हम फैसला कर लिया उसे भूल जाऊँगी चाहे कितना भी बुलाए ना पास जाऊँगी सारे कसमें वादे भी हमनें तोड़ दिए यादों के गुप्तचर भी मैनें कब के छोड़ दिए पूरा इन्तजाम कर लिया उसे भुलाने का ख्व़ाब भी छोड़ दिया उसको पाने का निकालने जब उसको मैं चली दिल से बेबस सी लगी खुद को मैं फिर से फिर सो... »

रास्ता कहीं से तो जाता होगा

वो आते तो हैं मेरे आशियाने में.. मुझी से मिलने मगर जताते नहीं हैं बस हम समझ जाते हैं.. नज़रे झुकाए रहते हैं और दिल लगाने की बात करते हैं.. कितने नादान हैं चुपके से देख लेते हैं रुख पर मुस्कान लिये… मैं जानती हूँ वो तगाफुल करने में माहिर हैं पर हम भी दिल में बस जायेंगे आहिस्ता- आहिस्ता… रास्ता कहीं से तो जाता होगा उनके दिल तक! पहुँच ही जाऊँगी उन तक फिर देखूँगी कहाँ जाते हैं हमसे बचकरR... »

नींद

हैरत में हूँ कुछ भी समझ आता नहीं, नींद तो मेरी है पर ख्व़ाब आपके। »

🙈🙈नींद 🙉🙈

🤔🤔हैरत में हूँ कुछ समझ आता नहीं नींद तो मेरी है पर ख्व़ाब आपके 🙈🙈 »

संदेश ख्वाबों का

रात की दीवार पर लिखा ख्वाबों का संदेश ए चंदा पहुंचा देना ‘अपने’ रहते परदेस….. »

नक्सलियों से कैसी हमदर्दी

माताओं ने लाल खो दिए बहनों ने फिर भाई, घर में छुपे दुश्मनों से कैसे जीतोगे लड़ाई? नक्सलियों के हमले से धरती लाल हो जाती है, फिर किसी घर मे कोई ज्योति बुझ जाती है नक्सलियों पर कार्रवाई हो तो अधिकार हनन हो जाता है शहीद जवान हो जाएं तब बुद्धिजीवी समाज सो जाता है ऐसे गद्दारों को मारो क्यों प्रहार ना करना जब उनकी निष्ठा खंडित है तो क्यों बचाव करना ….. »

इंतज़ार

इंतज़ार झिलमिलाता रहा रातभर आंखों में! तुम नहीं तुम्हारा पैग़ाम आया ‘आज न सही, कल की बात रही’। चलो मान लेते हैं; एक और झूठ तुम्हारे नाम पर जी लेते हैं »

चिट्टियां

आरज़ू थी कि मेरे हाथ में तेरा हाथ होगा…. क्या खबर थी कि हाथ सिर्फ़ चिट्ठियां ही आएंगी । »

क्यूँ देखूँ

तुमने कह तो दिया मगर दिल को तसल्ली ना हुई शब तो हो गई पर मैं ना सोई गुजार दी ज़िन्दगी तेरी आरज़ू करने के बाद किसी और को क्यूँ देखूँ तुम्हें देखने के बाद रूबरू तुम आये भी नहीं मगर महसूस तो किया मैनें हर लम्हा तुमको दिल लगा लिया तुमसे मिलने के बाद किसी और को क्यूँ देखू तुम्हें देखने के बाद »

तेरी मोहब्बत में

तेरी मोहब्बत में आधी उम्र काट दी पर क्या करूँ आज भी बेबस हूँ मैं »

भरोसा

आज की सच्ची घटना पर आधारित हिंदी कविता शीर्षक :- भरोसा आज मेरी क्यारी में बैठा परिंदा मुझे देख छुप गया मैं रोज़ उसको दाना डालता हूँ फिर भी वो डरा सहमा अपने पंखो के भीतर छुप गया जैसे बचपन में हम आँखों पे हथेली रख छुप जाया करते थे वैसे ही भोलेपन से वो भी मुझसे छुप गया उसने सोचा के मैंने जाना नहीं के वो वहाँ बैठा हुआ है मैं भी चुपके से पानी रख वहाँ से निकल गया उसके भोलेपन पर मुस्कुराया भी और थोडा रोना... »

वह लौट कर आया है

वह लौट कर आया है अरसे के बाद के मैं हैरान हूं क्योंकि उसने कहा था मैं जा तो रहा हूं पर कभी लौट कर नहीं आऊंगा »

जल हीं जीवन है

जल हीं जीवन है जल को ना बर्बाद करो। जीवन का आधार है जल को ना बर्बाद करो।। जल बिन मछली तड़पेगी धान पान सब कहाँ रहेंगे। नदी तालाब और कुआँ बिन स्नान ध्यान फिर कहाँ रहेंगे।। कतरा कतरा कर संरक्षण जीवन को आबाद करो। जल हीं जीवन है जल को ना बर्बाद करो।। »

जल खुद एक जीवन है

जल खुद एक जीवन है आओ इसे बचाते हैं फिर से भर जाएंगी नदियां आओ कदम उठाते हैं आज ही जब सब खो दोगे तो पीढ़ी को क्या सौंपोगे अपनी जिम्मेदारी का बोझ फिर किसके ऊपर थोपोगे अभी समय है जागो मानव थोड़े अच्छे काम करो जल खुद एक जीवन है इसको जीवन दान करो »

बिछड़ा जमाना

उनसे बिछड़े जमाना हो गया है फिर से दिल बेगाना हो गया है नहीं बाकी रही ख्वाहिश कोई यही जिंदगी का अफसाना हो गया है। »

शायद

मैनें लाज़ की चादर ओढ़ रखी है शायद मेरी ज़मी पे तेरे इश्क की बूंदाबांदी हो कभी »

कुछ सर्द हवा ओं ने

कुछ सर्द हवाओं ने मन महका दिया उन हवाओं में जैसे नर्मी सी हो छू कर मेरे बदन को रूह तक ठण्डा कर रही हैं और अपनी खुशबुओं से फ़िजा महका रही हैं »

बिछड़े थे

आज कुछ पुरानी यादों के पन्ने पलटकर हम वहीं पहुँच गए जहां से बिछड़े थे तुमसे »

पुरानी यादें

कुछ खुशबुएँ महकती हैं कायनात में लिपटे हैं हम पुरानी यादों के दामन में । »

हाँ

तुम उस दिन जो हाँ कर देते तो किसी को नया जीवन देते पर तुम्हारी ज्यादा सतर्क रहने की आदत ने देखो किसी का मनोबल दबा दिया कोई पढना चाहता था तुम्हारी मदत से आगे बढ़ना चाहता था पर तुमने अपने बटुए झाँक उसे नए जीवन से मरहूम किया फिर वही लौटने को मजबूर किया जहाँ से वो निकलना चाहता था कुछ ख्वाब देखे थे उन्हें पूरा करना चाहता था पर हाय ,तुमने ये क्या किया अपना बटुआ दिखा उसे अपने दर से रुखसत किया … चलो माना उ... »

इज़हार

इज़हार ना हो वोह इश्क़ का जो हम तुझसे करते है कुछ रिश्ते बेज़ुबान ही अच्छे है »

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