प्रेम

प्रेम से अधिक प्रिय कोई एहसास नहीं जो इसे नहीं समझते उनसे प्रेम की आस नहीं। बसाया कभी था जिसको ह्रदय में, अब उसी को…

कविता

कविता तुम ही तो साथी हो, संवेदना हो, प्रेम हो, लगाव हो, जुड़ाव हो, भावों का प्रवाह हो। बिछुड़न की आह हो, दिल की चाह…

संसार

मन तेरे से पहले भी संसार अपनी मस्त चाल चलता था बाद में भी संसार अपनी गति में चलता जायेगा। सुबह, दोपहर शाम अपनी गति…

सुबह

सुबह तुम बहुत मनोहर हो, शीतल, शांत, साफ हो बहुत मनोरम हो। उड़गन का चहचहाना हो नए फूलों का खिलना हो, नई किरणों से मिलना…

हिंदी दिवस

हिंदी दिवस आया है मित्रों, आपको शुभकामना, खूब फूले खूब खिल जाये यही शुभकामना। यह हमारी शान है पहचान है, अभिमान है। वाङ्गमय में है…

दर्द

नहीं भुलाता है मन दर्द मिला हो जिस पथ चल रहे थे स्वयं की गति में छिला था कंटक बन पग। लहूलुहान हो गया था…

हरियाली

तुम्हारी तरह खूबसूरत, हरियाली, खुशहाली चारों तरफ, खिली हुई है, प्रेम की हवा चल रही है, दर्द की दवा बन रही है, यूँ ही दिखते…

मन

मन को सम्भाल कर रखा है तेरी यादों को सहेज कर रखा है आँख में आँसू रोज आने लगे हैं, क्योंकि जो कल मेरा था…

खरा सोना

एक जैसी नहीं रहती परिस्थितियां सुधरती हैं बिगड़ती हैं परिस्थितियां परिस्थितियां हैं जिनसे हर प्राणी जूझता आया उन्हीं ने है तपाया और खरा सोना बनाया…

कठिनाईयाँ

जीवन में कठिनाईयाँ तो आती रहेंगी। आकांक्षाओं की थाली यूँ ही सजती रहेगी। हम करेंगे संघर्ष से वार, कठिनाईयाँ भी हमसे पराजित होती रहेंगी ।

हम तुम…

मेरी हर बात को तुम समझ लेना, मेरी इकरार की भाषा तुम जान लेना, मन में उमड़ती लहरों को तुम समेट लेना, मेरे अधरों की…

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