तेरे बिना तो अब कही भी जी लगता नही,
मोहन तेरे बिना अब वृदावन सजता नही।
प्रभू तुम अब अपने भक्त को दर्शन दे दो,
हुआ कोई गलती तो वह माफ कर दो।।
राधे राधे
तेरे बिना तो अब कही भी जी लगता नही,
मोहन तेरे बिना अब वृदावन सजता नही।
प्रभू तुम अब अपने भक्त को दर्शन दे दो,
हुआ कोई गलती तो वह माफ कर दो।।
राधे राधे