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C.aa

शरजिल इमाम को देशद्रोही घोषित किया मगर C A Aपर कोई बड़ा फैसला अभी तक नहीं किया गया है क्यो इतनी देरी हो रही है इनको फासी की सजा सुनाने में? »

ओ खुदा!

बेसुध हो पड़ा है ंमजदूर जमीं पर ओ खुदा! थोड़ा तो रहम कर इस पर »

मैं जब

मैं जब भी जीता हूँ अपनी मेहनत से कभी किस्मत से नहीं किस्मत से बस हारा हूँ । »

टिड्डी पर फिसड्डी हुआ पाक

टिड्डियों पर फिसड्डी हुआ पाक करता है जंग की बात पाकिस्तान में इन दिनों टिड्डियों के आंतक से खड़ी फसलें चौपट हो रहीं हैं टिड्डियों का आंतक इस कदर बढ़ गया है कि जिस तरफ टिड्डियां रूख कर रहीं हैं फसल पेड़ पौधे के पत्तियों को चौपट करती जा रही हैं। एक साथ में कम से कम अस्सी लाख से एक करोड़ टिड्डियों का दल समुह बनाकर चल रहीं हैं जिस फसल पर निगाहें पड़ रहीं है उसे घण्टों में साफ करके दुसरे फसलों पर अपनी ... »

यही हाल

कुछ यही हाल हमारा भी है नींद आती है तो सो लेते हैं वरना रो लेते हैं। »

मां का हाथ

ख्वाहिशों के जुगनू भी बंद कर दिए जाते हैं बोतल में जब मुकद्दर रूठ जाता है और जिंदगी भी मुंह फेर लेती है जब मां का हाथ सिर से उठ जाता है। »

मुकद्दर

सब की असलियत सामने आ ही जाती है जब बुरा वक्त आता है तो साया भी साथ छोड़ देता है कोई नहीं साथ देता तब जब मुकद्दर हमसे रूठ जाता है। »

धीरज बांधकर

धीरज बांधकर रखता हूं हर वक्त पता नहीं किस्मत कब दे दे मात इसलिए अपने कर्तव्य करता रहता हूं और मुकद्दर अपने आप ही बनाता हूं। »

तू गैर होता

तू गैर होता तो दिल इतना ना दुखता पर तू अपना है, तभी तो तेरी कही हर बात सीधे दिल पर लगती है। »

तू बुला ले

तू बुला ले अपने दीवानों को मैं किसी से पीछे नहीं हूं कोई भी परीक्षा ले ले मैं अव्वल ही आऊंगा। »

आसमान

आसमान धुंधला नजर आता है जब ख्वाबों की पट्टी आंख पर लिपटी होती है और नींद आवारा होती है। »

आंखों के चश्मदीद

आंखों के चश्मदीद है मेरे पास जो जो होता रहा है आसपास वह सब मैंने भी देखा और चश्मदीदों ने भी देखा मुझे सबूत देने की जरूरत नहीं क्योंकि मेरे पास आंखों के चश्मदीद मौजूद हैं तू अपनी बता। »

अनलॉक डाउन-1

पहले लाख डाउन और अब अनलॉक डाउन -1 घोषित हो गया है सब कुछ खुला हुआ है और कोरोना बढ़ता जा रहा है इसे रोकने का उपाय कोई तो सुझाओ यारों जिंदगी मौत में तब्दील होती जा रही है »

अतिथि सत्कार

अतिथि सत्कार हमारे भारत की परंपराएं है इसे बरकरार रखना हमारा कर्तव्य है अतिथियों का सत्कार करो क्योंकि वह प्रभु के रूप में भी हो सकते हैं »

अतिथि सत्कार

अतिथि सत्कार हमारे भारत की परंपराएं है कैसे बरकरार रखना हमारा कर्तव्य है अतिथियों का सत्कार करो क्योंकि वह प्रभु के रूप में भी हो सकते हैं »

लॉक डाउन

अब लॉकडाउन ना लगाओ हम वैसे भी इतने आलसी हो गए हैं कि घर से नहीं निकलेंगे »

लॉक डाउन

अब लॉकडाउन लगाओ हम वैसे भी इतने आलसी हो गए हैं कि घर से नहीं निकलेंगे »

तम्बाकू निषेध दिवस पर

लेते तम्बाकू देखकर नकल न करना बाप के। जान चली जाएगी तेरी साथ न जाएंगे कोई आपके।। »

तम्बाकू निषेध दिवस पर

ना बनो ना बनो बीड़ी सिगरेट का आदी। दमा टीबी कैंसर से होगी तेरी बर्बादी।। »

तम्बाकू निषेध दिवस पर

मत कर रे जिन्दगानी तू हवाले तम्बाकू के। पत्थर वाले दांत तुम्हारे टूटेंगे बिन चाकू के।। »

तम्बाकू निषेध दिवस पर

दूर रहो सब सदा सर्वदा तम्बाकू से कोसो कोस। जीवन सुखमय होंगे तेरे नहीं करोगे कभी अफसोस।। »

चौपाई

कामधेनु आनन्दी माता। सुरभि कन्या जग विख्याता।।५।। »

चौपाई

गिरिजापति गोधाम बनाया। हरिपूजन अभिषेक कराया।। ४।। »

चौपाई

शिव सत धाम गई एकबारा। शिव कीन्हा गोकुल विस्तारा।। ३।। »

चौपाई

दक्ष सुता सुरभि कल्याणी। कश्यप भार्या बहु सुखदानी।। २।। »

चौपाई

जय गौ माता जनकल्याणी। नहि कोई तुम सम वरदानी।। १।। »

दोहा

गण गौरी माँ शारदे गुरुवर अरु गोपाल। चरणनि मस्तक धार के गोगुण गाऊँ पाल।। »

मेरा गांव

चाहता हूं, वो बहार मेरी हो, वो गुनगुनी सी धूप और टहनियौं की छांव मेरी हो, दरिया पर धूप की चमक और कुएं की नीर की ठंडक मेरी हो, खाली खाली राहें और गलियां की शाम मेरी हो, कहीं दूर गुमनाम हूं शहरों में ,चाहता हूं, तेरे बुलावे का हर वो पैग़ाम मेरा हो । »

भज ले राम नाम सुखकारी

शरण में आया जभी विभिषण कह लंकेश राम अपनाए। सागर जल से कर अभिषेक नीरनिधि का मान बढ़ाए।। ऐसे राम भगत हितकारी। भज ले राम नाम सुखकारी।। »

अमन की आशा

क्यों राजनीति करते हो, हिन्दू मुसलमान की। शायद भूल गए हो, दोस्ती रामप्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़ुल्ला खान की। दोनों समुदयों ने बना लिया है, एक दूसरे के प्रति पूर्वाग्रह। ऐसा मत करो, ये देश कर रहा है आपसे आग्रह। क्यों ना हम सब मिलकर बात करे, भाई चारा और विकास की। और साकार करे सपना, भगत सिंह और नेताजी सुभाष की। क्यों न हम सब मिलकर लड़े गरीबी, अशिक्षा और संप्रदियक्ता से। और बना दे अपने भारत को सबसे अग्र... »

लेख

कर सकें तो मदद करें मजदूर पर राजनिति नहीं आये दिन देखने को मिल रहा है सभी राजनीति पार्टियां मजदूरों पर राजनीति करने के लिए सोशल मीडिया पर एंव टीवी चैनलों पर तेजी से जुटे हुए है। मैं जानना चाहता हूं कि आखिर यह कहां तक सही है राजनीति पार्टीयों का कहना है कि हमारे ध्दारा मजदूरों के हित में तमाम प्रकार की सुविधाओं पर कार्य किया जा रहा है। भूखे को भोजन प्यासे को पानी एवं पैदल मजदूरों के लिए साधन का व्य... »

गांव याद आये

“गाँव याद आये” ************** हमें क्या पता आज,ये दिन देखना पड़ेगा | न जाने कैसी मजाक,आज तूने किया है || हँसते हुए निकले घर से,भूख मिटाने सभी | गाँव घर ये आँगन,छोड़ चार पैसा कमाने || दूर तलक परदेश,सभी हर कोने-कोने गए | खेत खलिहान ले याद,बूढ़ी अम्मा की प्यार | काम की धुन काम करता,कोई चलता गया | मजबूरी मे हमें आज,मजदूरी दूर करना पड़ा || घोर अंधियारा छाए,ये काली रात आज कैसी | पसंद न आए तुझे ह... »

अटूट बंधन

सात वचनों और सात फेरों का अटूट बंधन आपका बंधा रहे हँसती रहें और मस्त रहें आप संग पिया के सजी रहें हर दिन हर पल खुशियों भर हो गमों का कहीं न नाम रहे ऐसी ही छोटी अभिलाषा के साथ आपको शुभकामनाएं अपार मिलें।। »

पंचकन्या

अहिल्या द्रोपदी तारा कुंती और मंदोदरी। सदाकाल कन्या ये पांचों सर्वपाप कर हरी।। »

बचपन

लौट रहा है बचपन दोबारा लॉक डाउन के माहौल में खेल रहे हैं वही पुराने खेल हम मिलके साथ में खो गया था बचपन हमारा व्यस्त की जीवन गाड़ी में मिला है कुछ पल इन दिनों तो बिता रहे हैं साथ में।। »

महादेव का साथ

पल पल हर दिन बीत रहे हैं बस इसी सोच को अपनाए हुए है अगर साथ महादेव तुम्हारा जियेंगे पुनः हम आशीष लिए।। »

मजदूर

कर दी हैं अब लाल वो राहें भारत माँ के वीरों ने नाप रहे हैं कदम कदम से मीलों दूरी भी तकलीफों से।। »

सुखदाई दुनिया

राजनीति और पार्टीबाजी से बाहर भी है सेवा की दुनिया। मदर टरेसा सम दुखियों की सेवा कर कर सुखदाई दुनिया।। »

मीठे बोल

मीठे बोल सदा हीं बोलो करबा बोल कभी ना फरमाना। गरम दूध में शीतल जल सम मीठे बोलों का कायल है सारा ज़माना। । »

मुक्तक

लकड़ी जली, कोयला हुई कोयला जले, राख रही अग्नि परीक्षा सीता की हुई राम जी की साख रही १७.०५.२०२० »

एक बेटी

एक घर में जन्म लिया तो दूजे घर में ब्याही गई एक घर मे पाली बड़ी हुई दूजे घर की रानी बनी एक घर में खेली कूदी तो दूजे घर की रखवाली बनी एक घर में शरारती रही तो दूजे घर मे सयानी बनी एक घर में पढ़ लिख पाई तो दूजे घर में कमाई में लगी एक घर में संस्कारी बनी तो दूजे घर संस्कार देने में लगी एक घर सब कुछ सीखा तो दूजे घर जिम्मेदारी में लगी एक घर में बचपन छोड़ा तो दूसरे घर में ताउम्र रही लेकिन वो एक नन्ही सी कली... »

Maa teri meri yadein

Maa teri meri yadein bht achi thi Tu jo bhi kehti thi bht sachi thi, Yaad hai mujhe aaj bhi wo pal maa Bimaar mai hoti thi taklif tujhe hua karti thi, Tu kabhi na bhuli mere khane ka samey maa… Qki maa tu hi toh khane ki plate mere aggey piche ghumaya karti thi, Wo teri aloo, pyaz wali khaniya maa Jisko sunn k sach mai maan liya karti thi, Kya khub sundarta thi tere bhole se chehre pay maa&#... »

फल विदुरानी के हिस्से आया

भक्त भले थे विदुर कृष्ण के पर फल विदुरानी के हिस्से आया। फल झोली में देकर कृष्णा मांग-मांग खुद छिलका खाया।। »

दर्शन की प्रेरणा

दर्शन की चाह में सुदामा दर्शन मान सब पा जाता है। प्रेरक सुशीला के खातिर पल में रंंगमहल आ जाता है।। »

लाकडाउन 4.00

आत्मनिर्भर बना स्वावलंबी बनो लाकडाउन 4.00 का यही है मंत्र मास्क लगा घर से निकलो हाथों को हरदम स्वच्छ रखो अपने पैरों पर खड़े होकर जिंदगी में आगे बढ़ो »

मर जाता मरने से पहले

काश मुकर जो जाता कर्ण कुण्डल कवच देने से पहले । संकल्प विखण्डित हो जाते और मर जाता मरने से पहले।। »

सुखी रहे सब प्राणी

एकांतवास में रहकर भी नहीं हुई तपस्या पूर्ण। खान -पान में समय बिताया सोया पूरम पूर्ण।। घटा नहीं कोरोना जालिम घट गया सीधा-पानी। ‘विनयचंद ‘कुछ ऐसा कर जो सुखी बसे सब प्राणी।। »

क्या ऐसा भी सोचा था

क्या कभी ये सोचा था तुमने ऐसा वक़्त भी आएगा घर की चारदीवारी के भीतर जीवन बिताना होगा न ही मिलना होगा किसी से न ही घूमना होगा अपनों से मिलने को एक दिन इतना तरसना होगा मिलेंगी छुट्टी गर्मियों की फिर भी नानी घर जाना न होगा घर मे बैठे बैठे ही हर दिन ऐसे ही बिताना होगा।। »

क्या ऐसा भी सोच था

क्या कभी ये सोचा था तुमने ऐसा वक़्त भी आएगा घर की चारदीवारी के भीतर जीवन बिताना पड़ जायेगा न ही मिलना होगा किसी से न ही घूमना होगा अपनों से मिलने को एक दिन इतना तरसना होगा मिलेंगी छुट्टी गर्मियों की फिर भी नानी घर जाना न होगा घर मे बैठे बैठे ही हर दिन ऐसे ही बिताना होगा।। »

दोस्ती

फूलों की खुशबू की भाँति महक जाए जीवन की डाली तारों की चाँदनी की भाँति रोशन हो दुनिया तुम्हारी सूरज की तेज़ की भाँति प्रकाश ही प्रकाश हो जीवन मे तुम्हारी नीले अम्बर की चादर की भाँति रंग भरी हो दुनिया तुम्हारी कृष्णा सुदामा के जैसी हो अपनी दोस्ती मेरी प्यारी।। »

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