ख़ूबसूरत एक ख़्याल लिखती हूँ……, फिर तेरा हाल चाल लिखती हूँ……!! सब अगर सच ही कह दिया तो……, फिर, सब कहेंगे बवाल लिखती हूँ……!! तंज़ करती नहीं किसी पे मैं……., सिर्फ़ अपना मलाल लिखती हूँ…….!! […]

जिसको तुमने अपने हर लम्हें में चुना, उसने तुम्हें सिर्फ अपनी मन मर्जी से चुना। तुम्हारी प्राथमिकता सूची में हर समय शीर्ष पर था, वो तो तुम्हें अपनी प्राथमिकता बनाना ही भूल गया। तुम्हारे प्यार […]

आज मम्मी ने एक बात बोली जो दिल को छू गई जिसमें सवाल था छोटा-सा पर बात थी बड़ी गहरी क्या मुझे भी कभी घर कामों से छुट्टी मिलेगी ? क्या कभी हम कोई दिन […]

खुद की भावनाओं से रिश्ता टूटता रहा, एक नया किरदार अंदर ही अंदर बनता रहा। रिश्तों से रिश्तों तक का सफर तय होता रहा, एक नया किरदार अंदर ही अंदर बनता रहा कभी रोशनी तो […]

हाँ उसने एक आस लगाई थी। सोचा था एक दिन मिल जायेगा वो ख़्वाब जो बचपन से देखा हैं। पर बदल गया ये संसार जैसे कोई बुरा सपना हो। लेकिन अपना कर उस बुरे सपने […]

जब कभी रास्ता ना नजर आए, ना कोई साथ हो तेरे, बस बैठ जाना अकेले उस दरिया किनारे। सवाल तो होंगे बहुत, मगर जवाब कम ही मिलेंगे। मगर तू खफा ना हो, यहां सब ऐसे […]

वाकया : बुरे फंसे… वो हमें लंबी सैर पे ले गए, माना, अच्छे – से घूमा लाए। ये उनका शहर था जो ले गए, फिर हमारे यहां आए, चले गए। हां वो सैर वाले, नहीं […]

कविताऐं मुझे पढ़तीं हैं या मैं कविताओं को यह आज तक समझ नहीं आया क्यूं मेरा किरदार किसे कहानी को न भाया। कभी रुकी कलम तो कभी पेज भर आया मैंने जितना लिखना चाहा कभी […]

यूँ तो रोज़ खडी होती हु उस सूखे किनारे पर तेरा और उस धुप ढलने का इंतज़ार करती हु इंतज़ार करती हु मेरी उस परछाई का जो धुप ढल जाने के बाद कोई दूर देश […]

अभी सूरज उगने नहीं पाया, चांदनी रातों की खुशबू नहीं छाया। एक अद्वितीय रचना है यह, जो आज तक किसी को नहीं आया। बूँदों की बूंद चमकती है, फूलों की खिलती हँसी सी भरती है। […]

देखो उस बुढ़िया को,घर के कोने मे जो रहती है आँगन मे डली चार पाई, पर रोज़ वो बैठी रहती है शरीर मुरझाया सा ,ना आँखों मे कोई किरण ख़ुशियों का तो ना अता पता […]

ईमानदारी और अनुशासन सब देते है इस पर भाषण पर किसी का नहीं है इस पर शासन जब आता है गुस्सा जो मर्ज़ी है बोलते सही गलत कुछ नई तोलते अपना उल्लू सीधा करते सब […]

सबका ध्यान भी रखती है, अत्यंत दुलार भी करती है, प्यार भी करती है, न कभी बुरा सोचती है, एक माँ। मेरा सताने से भी उसके प्यार में कमी ना दिखी, यह बात उसकी बहुत […]

जीवन की यात्रा जीवन की यात्रा पर हो तुम सवारी, चरणों में धूल उठाते चलो पथिक वीरी। संघर्षों से भरा है यह रास्ता, पर्वतीय कठिनाइयों को न करो अस्ता। जान पहचान से प्रेम करो सबको, […]

अनमोल बचपन की धरती पर, खेलों का नगाड़ा बजता है। हंसी की बारिश जगमगाती है, चिंताओं से पूरी दुनिया बचती है। बचपन की मजबूत डोर थाम, सपनों से गहरी ये नदियां बहती हैं। जहां खिलौनों […]

निषेध सत्य की खोज… मैं बिक गया हूं दोस्तों खरीद लिया ईमान मेरा चंद कागज के टुकड़ों ने दिग्भ्रमित किया मैं भूल चुका हूं कर्तव्य मेरा-क्या काम मेरा लोकतंत्र का था मैं स्तंभ कभी निष्पक्षता […]

गुम थांडी हवा और बैंड आंखें खोई हुई थी मैं या फिर मदहोश हीं कह लो खुली खिड़की से मैं बहार की दुनिया को निहार रही थी, ये सोच रही थी कि कैसे बहार की […]

बारिश की बूंदों की खुशबू, बहती हर बूंद में छुपी कहानी। जब मौसम बन जाता है रिमझिम, मन की धड़कनें बदल जाती हैं जवानी। बारिश की ताल पे झूमती है ज़िंदगी, जीने की ख्वाहिशें जगमगाती […]

एक फार्मेसी की दुकान में कई दवाएं होती हैं। कुछ दवाएं हमें ठीक करती हैं, कुछ हमें जिंदा रखती हैं और कुछ हमें मार देती हैं। हम अक्सर कहते हैं कि एक अस्पताल ने बहुत […]

रिश्ता खून का नहीं है उनसे फिर भी मां बाप की तरह वो फटकारते हैं। यूं तो पैरों पे चलना मां बाप सिखाते हैं। पर वो शिक्षक हैं साहब पैरों पर खड़े होना तो बस […]

एक बात कहनी थी तुमसे प्यार था या पता नहीं क्या था पर कुछ तो हुआ था हमें भी, इतने करीब आए थे हम जिस्मो का पता नहीं पर रूह छू गए थे हम भी, […]

Kar hausla buland itna ki koi na soch sake… Chal aisi rah par jha koi na pahoch sake .. Jeetna hai tujhe ye thaan le… Kar le koi kitni bhi koshish tujhe na gira sake…. […]

वो बूढ़ी निरीह आंखों में, कुछ सपने दिखाई पड़ते हैं। कुछ अपनो से मिलने को, दिल की धड़कन सुनाई पड़ते हैं।। आशा है, उमंग है, प्यार हैं, लेकिन उन सुनी आंखों में दिखता इंतजार है। […]

मोबाइल की दुनिया, ये है अजब अनोखी, जिसमें सबकुछ होता है जलवाहीं और रोचक। हर आदमी का हाथ में, यहाँ तक कि बच्चों के पास, एक-एक करके सब खो रहे हैं अपनी मस्तियाँ यहाँ। हर […]

यातनाओं से भरी जिंदगी के रास्तों पर, अकेलापन की छाया ढ़लती चाँदनी संग साथ हो। जब तन्हाई की गहराई में हो गमों की बारिश, तो यादों के साथ हमेशा मेरी मुस्कान हो। प्रेम की धूप […]

तुम कुछ यूँ ज़रूरी बन गए कि तुम्हे भुला ना सकी, इस बात को किसी और को बता ना सकी, इस दिल का भोज कभी हटा ना सकी, तुम्हारी यादों से दूर जा ना सकी, […]

वो ज्यादा तो नहीं जानती व्यवहारिकता भी नहीं जानती वो सिर्फ इतना जानती है , कि वो कष्ट से प्यार नहीं कर सकती । शाम ढले ,देहरी पर खड़ी आसुओं का इंतजार नहीं कर सकती […]