है कौन जो तुम्हारी यहां फिकर कर रहा है,
हर लम्हा जो एक तुम्हारा जिकर कर रहा है,
हर एक कश के साथ जो जला रही है जिगर,
वो सिगरट तुम्हारे सफर को बेअसर कर रहा है।।
राही अंजाना
है कौन जो तुम्हारी यहां फिकर कर रहा है,
हर लम्हा जो एक तुम्हारा जिकर कर रहा है,
हर एक कश के साथ जो जला रही है जिगर,
वो सिगरट तुम्हारे सफर को बेअसर कर रहा है।।
राही अंजाना