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मंजर

जरूरत पड़ने पर आज मुकर गये हो तुम,
जमाने की तरह कितना बदल गये हो तुम।

दोस्त!ये मंजर भी गुजर जायेंगे किसी तरह से,
पर आज चुप रहकर बहुत दर्द दे गये हो तुम।।

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