मत पूछो हालत मेरे हालात की!
सहर कब होगी मेरे गम-ए-रात़ की?
ना-काफी है गुफ्तगूं अब नजरों से,
तड़प जागी है फिर से मुलाकात की!
Written By #महादेव
Written By #महादेव