युँ तो देखे हर पल रंग ज़िंदगी के
समुंदर ने बख्शे दिन तिश्नगी के
युँ तो काफिलें भी थे मंज़िलें भी
तलाश रही मुकाम पाकीजगी के
राजेश’अरमान’

युँ तो देखे हर पल रंग ज़िंदगी के
समुंदर ने बख्शे दिन तिश्नगी के
युँ तो काफिलें भी थे मंज़िलें भी
तलाश रही मुकाम पाकीजगी के
राजेश’अरमान’