घर के भीतर बैठे हैं हम
डरकर नहीं कोरोना से।
रहे स्वस्थ समाज हमारा
बचकर आज कोरोना से।।
पीठ नहीं हम दिखा रहे हैं
लड़कर जीतेंगे कोरोना से।
‘विनयचंद ‘रहे देश हमारा
सुखी सुरक्षित नित सोना से।।
घर के भीतर बैठे हैं हम
डरकर नहीं कोरोना से।
रहे स्वस्थ समाज हमारा
बचकर आज कोरोना से।।
पीठ नहीं हम दिखा रहे हैं
लड़कर जीतेंगे कोरोना से।
‘विनयचंद ‘रहे देश हमारा
सुखी सुरक्षित नित सोना से।।