अंदर से ज़िंदा। MaN(मन) 10 years ago ना नजरों में नज़ाकत रहती है ना दिल में कोई आहट रहती है हाँ पहले था ‘मन’ अंदर से ज़िंदा अब तो उसकी दिखावट रहती है