फकत रोने से काम नहीं चलता है,
अत्याचार तो अत्याचार है, सबको खलता है
प्रतिकार करो , मत करो सहन
क्षमता से अपनी जीतो दिल
बात पते की कहती हूं,
अत्याचार सहना बढ़ावा है
एक और अत्याचार को बहन..
फकत रोने से काम नहीं चलता है,
अत्याचार तो अत्याचार है, सबको खलता है
प्रतिकार करो , मत करो सहन
क्षमता से अपनी जीतो दिल
बात पते की कहती हूं,
अत्याचार सहना बढ़ावा है
एक और अत्याचार को बहन..