आगाह किये देता हूँ… Prayag Dharmani 6 years ago ‘आगाह किये देता हूँ मैं ज़माने की ठोकर को, मैं ज़मीं पे पड़ा पत्थर नही, ज़मीं में गढ़ा पत्थर हूँ..’ – प्रयाग