आयो कान्हा देखि मोहे तोरे संगी साथी
कुछ भाग चलत, कुछ ले परदे कि आड़
छुप खम्ब कि ओट देखत मोहे कि
आज मेरो पकड़ में आयो कान्हा
जब यह आया चुपके से माखन खाने को
आज पकड़ में आयो कान्हा
आयो कान्हा देखि मोहे तोरे संगी साथी
कुछ भाग चलत, कुछ ले परदे कि आड़
छुप खम्ब कि ओट देखत मोहे कि
आज मेरो पकड़ में आयो कान्हा
जब यह आया चुपके से माखन खाने को
आज पकड़ में आयो कान्हा