धरती

वस्त्रों के बिना नारी शोभा नहीं पाती है धरती को किया नंगी और शरम नहीं आती है कैसे सपूत हो तुम जब मां तड़प रही…

“पृथ्वी दिवस”

पृथ्वी दिवस (22 अप्रैल) स्पेशल ——————————– इन दो हाथों के बीच में पृथ्वी निश्चित ही मुसकाती है पर यथार्थ में वसुंधरा यह सिसक-सिसक रह जाती…

Happy Holi 2021

होली के रंग में रंग जा मेरे कन्हैया जी, होली आई है मेरे सांवरिया जी, हंसते – गाते, नाचते आना मेरे घर मेरे सांवरिया जी,…

My Dear Itika My Angel

My Dear Itika My Angel, तुम से ही मेरी जिंदगी है मैं तुम्हें खुद से भी ज्यादा प्यार करती हूँ और मैं किसी भी कीमत…

My Dear Itika

My Dear Itika तुम मेरी जिंदगी में सबसे खूबसूरत लड़की हो। इससे से भी बढ़कर तुम एक तुम मेरे प्यारी से बेटी हो। मुझे नाज…

My Dear Itika My Angel

My Dear Itika My Angel, तुम से ही मेरी जिंदगी है मैं तुम्हें खुद से भी ज्यादा प्यार करती हूँ और मैं किसी भी कीमत…

साइको इंसान (Psycho Person)

हमारे जीवन में एक दोस्त बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। एक दोस्त आपकी जिंदगी को खूबसूरत बना सकता है। हमारी जिंदगी हमारी बचपन कि संगत…

Kisan aandolan

उसके खून से धरती माँ की चुनर लाल है, उस अन्नदाता से ही माँ के लाल लाल है। देखो आज माँ के कुछ लालो ने…

अन्नदाता

मैं किसान हूं समझता हूं मैं अन्न की कीमत क्योंकि वो मैं ही हूं जो सींचता हूं फसल को अपने खून और पसीने से मरता…

मैं अन्नदाता

मैं अन्नदाता देख अपनी थाली में खाना रूखा सूखा, हो उदास सोचे किसान फ़िर एक बार, हूँ किसान कहलाता मैं जग में अन्नदाता, रहता साथ…

Mera bharat

जो हल जोते, फसल उगाए उसे उसकी कीमत नहीं मिलती। जो मजदुर उत्पाद बनाए उसे उसकी कीमत नहीं मिलती। भूख और लाचारी का ऐसा आलम…

थकान

●थकान  ̄ ̄ ̄ ̄ किसान के पास फ़सल की बोरियां भरते वक्त बोरियां भर थकान भी होती है…. लेकिन वह नहीं भरता थकान की बोरियां…. क्योंकि- वह…

Kisan ka samman khalistani beiman

तुम खालिस्तानी हो या पाकिस्तानी उतारा सेना को तो पड़ जाएगी भारी सब्र ठहरा है इम्तिहान मत लेना खून बहे तो फिर किसान आंदोलन मत…

किसान

खेतों के सब बीज शज़र हो जाते हैं सरहद पर वीर अमर हो जाते हैं तुम वर्दी पहने मिट्टी साने क्या बतलाते हो हम भी…

आंदोलन

भूमिपुत्र किसान भाई, तुम जिद्द अपनी छोड़ दो धरना प्रदर्शन की दिशा भी घर की तरफ मोड़ दो देश पर मण्डरा रहे ख़तरे को गम्भीरता…

. ं. किसान

देखो देखो किसान है देश की रीड की हड्डी इनको ना तोड़ो तुम इन को मजबूत बनाओ तो देश मजबूत होगा इनको ना राजनीति की…

मैं, मैं न रहूँ !

खुशहाल रहे हर कोई कर सकें तुम्हारा बन्दन। महक उठे घर आँगन, हे नववर्ष! तुम्हारा अभिनन्दन।। दमक उठे जीवन जिससे वो मैं मलयज, गंधसार बनूँ…

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