तुम्हारी मुस्कान जब बनी मेरी आदत..
तुम बने मेरी क़यामत तक की इबादत..
यादों की लहरें जब बनीं मेरा सहारा..
डूबती रही जान, दूर हुआ किनारा..
तुम्हारी मुस्कान जब बनी मेरी आदत..
तुम बने मेरी क़यामत तक की इबादत..
यादों की लहरें जब बनीं मेरा सहारा..
डूबती रही जान, दूर हुआ किनारा..