छिपे हुये दर्द को आज ताज़ा किया है उसने,
दिल को बहुत बेकरार फिर से किया है उसने।
याद उसकी आती है हर पल तो आने दो यारो…
कसम देकर अपनी मजबूर भी तो किया है उसने।।
छिपे हुये दर्द को आज ताज़ा किया है उसने,
दिल को बहुत बेकरार फिर से किया है उसने।
याद उसकी आती है हर पल तो आने दो यारो…
कसम देकर अपनी मजबूर भी तो किया है उसने।।