आवाज को नहीं, अपने अलफ़ाज़ को ले जाओ बुलंदी पर Yogesh Chandra Goyal 8 years ago आवाज को नहीं, अपने अलफ़ाज़ को ले जाओ बुलंदी पर बादलों की गरज नहीं, बारिश की बौछार फूल खिलाती है