मोहब्बत का पैगाम लेकर
आया है यह चांद
अम्मी, अब्बू, खाला और
आओ भाई जान
बड़े तसव्वुर से गुजरे
रोजे-रमजान
ईद मुबारक हो सबको
हिंदू हो या मुसलमान
मस्जिद से आया बंदों
एक जरुरी पैगाम
अपने घर में ही नमाज पढ़ो
है यह अल्लाह का फरमान।।
“ईद मुबारक”


मोहब्बत का पैगाम लेकर
आया है यह चांद
अम्मी, अब्बू, खाला और
आओ भाई जान
बड़े तसव्वुर से गुजरे
रोजे-रमजान
ईद मुबारक हो सबको
हिंदू हो या मुसलमान
मस्जिद से आया बंदों
एक जरुरी पैगाम
अपने घर में ही नमाज पढ़ो
है यह अल्लाह का फरमान।।