माफी तो मजबूत का, गुण होता है नेक,
कमजोरों की मदद को, उठ तू जगा विवेक।
उठ तू जगा विवेक, दिखा मत नाड़ी का बल,
यह बल हो कमजोर, तुझे फिर रौंद न दे कल।
कहे लेखनी समय, समय की बातें साथी,
किसी को दो माफी, किसी से मांगो माफी।
माफी तो मजबूत का, गुण होता है नेक,
कमजोरों की मदद को, उठ तू जगा विवेक।
उठ तू जगा विवेक, दिखा मत नाड़ी का बल,
यह बल हो कमजोर, तुझे फिर रौंद न दे कल।
कहे लेखनी समय, समय की बातें साथी,
किसी को दो माफी, किसी से मांगो माफी।