एक टेबल,
चाय का कप,
और तुम,
एक शाम,
वो बेन्च,
और तुम
एक डोली,
मेरा हाथ,
और तुम
एक घर,
चारो धाम,
और तुम
एक दिल,
मेरे नाम,
और तुम
ये सब सिर्फ रातो में आते है,
ये सब सिर्फ ख्वाबो में आते है।
~हार्दिक भट्ट
एक टेबल,
चाय का कप,
और तुम,
एक शाम,
वो बेन्च,
और तुम
एक डोली,
मेरा हाथ,
और तुम
एक घर,
चारो धाम,
और तुम
एक दिल,
मेरे नाम,
और तुम
ये सब सिर्फ रातो में आते है,
ये सब सिर्फ ख्वाबो में आते है।
~हार्दिक भट्ट