कदम को बढ़ते देख कर मित्र लो बनाय,
बेटे बेटी के अन्तर्मन बातों का करें निदान।
अच्छे बूरे परिस्थिति में देते रहें उनका साथ,
जिम्मेदारी को संभालते हुए बने नेक इंसान।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
कदम को बढ़ते देख कर मित्र लो बनाय,
बेटे बेटी के अन्तर्मन बातों का करें निदान।
अच्छे बूरे परिस्थिति में देते रहें उनका साथ,
जिम्मेदारी को संभालते हुए बने नेक इंसान।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी