प्रस्तुत है
हाइकु विधा में रचना :-
जिसका जो हो
कर्म करे मानव
ना करे चोरी
जीत ले बाजी
हर दांव की वह
ना थके कभी
संघर्ष करे
नित जीवन में वो
ना रुके कभी
कर्म की बेदी
और मानव प्रण
ले आगे बढ़…!!
प्रस्तुत है
हाइकु विधा में रचना :-
जिसका जो हो
कर्म करे मानव
ना करे चोरी
जीत ले बाजी
हर दांव की वह
ना थके कभी
संघर्ष करे
नित जीवन में वो
ना रुके कभी
कर्म की बेदी
और मानव प्रण
ले आगे बढ़…!!