पाप बढ़ गया बहुत धरा पर,
कान्हा तुमको आना होगा
आतंक ,अनीति ,अत्याचार से,
धरा को मुक्त करना होगा
कान्हा तुमको आना होगा
-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
पाप बढ़ गया बहुत धरा पर,
कान्हा तुमको आना होगा
आतंक ,अनीति ,अत्याचार से,
धरा को मुक्त करना होगा
कान्हा तुमको आना होगा
-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-