कितना होता है गुरूर इंसान को
ये करता अपनों से दूर इंसान को
जिसको देखो वही मद में चूर है
वक़्त देता सबक जरूर इंसान को
राजेश’अरमान’
कितना होता है गुरूर इंसान को
ये करता अपनों से दूर इंसान को
जिसको देखो वही मद में चूर है
वक़्त देता सबक जरूर इंसान को
राजेश’अरमान’