किसी ने सूद से भरी पुरवाइयां चुनी
किसी ने दर्द भरी शहनाइयां चुनी
हमें कुछ चुनने का हुनर न आता था
सो गम से लिपटी तन्हाईयाँ चुनी
राजेश’अरमान’
किसी ने सूद से भरी पुरवाइयां चुनी
किसी ने दर्द भरी शहनाइयां चुनी
हमें कुछ चुनने का हुनर न आता था
सो गम से लिपटी तन्हाईयाँ चुनी
राजेश’अरमान’