किसी सेहरा की रेत पे लिखा कोई गीत नहीं हूँ
समुन्दर की लहरों पे सजा कोई संगीत नहीं हूँ
हर खेल मैंने खेले , अपने ही उसूलों -कायदों से ,
किसी शतरंज की बाज़ी की कोई हार-जीत नहीं हूँ
राजेश’अरमान ‘
किसी सेहरा की रेत पे लिखा कोई गीत नहीं हूँ
समुन्दर की लहरों पे सजा कोई संगीत नहीं हूँ
हर खेल मैंने खेले , अपने ही उसूलों -कायदों से ,
किसी शतरंज की बाज़ी की कोई हार-जीत नहीं हूँ
राजेश’अरमान ‘