सरकार की अगर माने होते,
तो आंकड़े बहुत सीमित होते।
सब अपनी मर्जी में योध्दा हुए,
जमात के जरिए देश के दुश्मन होते।।
महेश गुप्ता जौनपुरी
सरकार की अगर माने होते,
तो आंकड़े बहुत सीमित होते।
सब अपनी मर्जी में योध्दा हुए,
जमात के जरिए देश के दुश्मन होते।।
महेश गुप्ता जौनपुरी