कोरोना के मार से अगिया बेताल हुए,
सरकार के चक्कर में पड़कर बुरा हाल हुए।
सब अपनी सेंखी बघार रहें बनकर नेता,
मजदूर बेचारे पांव के छाले से बुराहाल हुए।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
कोरोना के मार से अगिया बेताल हुए,
सरकार के चक्कर में पड़कर बुरा हाल हुए।
सब अपनी सेंखी बघार रहें बनकर नेता,
मजदूर बेचारे पांव के छाले से बुराहाल हुए।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी