क्यों बार बार ,
बेख्याली में भी तेरा ही ख्याल आता है।
क्यों बिना धुन के भी ये दिल सारा दिन गुनगुनाता है।
क्यों तुम्हारा नाम सुन के हर पल ठहर सा जाता है।
क्यों बार बार


क्यों बार बार ,
बेख्याली में भी तेरा ही ख्याल आता है।
क्यों बिना धुन के भी ये दिल सारा दिन गुनगुनाता है।
क्यों तुम्हारा नाम सुन के हर पल ठहर सा जाता है।