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खामोशियां

अक्सर लम्बी बातें होती,
पर कभी उनमें वह बात नहीं थी!
खामोशियोंने आज जो काम किया है
बिना समझाए सब समझ आ गया है

हालाकि सही है या गलत उसपर अभी भी पड़दा है!
आखों में नमी सी एक जगह,
एक जगह ओठों पर मुस्कराहट है!
खामोशियोंने आज जो काम किया है

पहुंचा दिया है ऐसे मुकाम तक
सच से प्यारा लग रहा यह एहसास है!
कही हुई उनकी बात मान लूं ,
या सच मान लूं उसको जो मैंने आंखो से पढ़ा है !
खामोशियोंने आज जो काम किया है

जितनी बातें उनकी बातों से ना समझी
वह उनकी खामोशियोंने कहा है !

– मानसी।

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