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खुदमें

कुछ बातें करनी थी तुमसे मगर अधूरी रह गई

कुछ मुलाकातें करनी थी तुमसे मगर अधूरी रह गई

कुछ ख़्वाहिशें पूरी करनी थी साथ तुम्हारे मगर अधूरी रह गई

कुछ लम्हे गुजारने थे संग तुम्हारे मगर वो तमन्ना भी अधूरी रह गई

बुन्नी थी एक ज़िंदगानी संग तुम्हारे मगर वो दास्तान भी अधूरी रह गई

दिल की हजारों बातें बांटनी थी तुमसे मगर अफसोस वो हर एक बात अधूरी रह गई…

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